चंडीगढ़। कांग्रेस पार्षदों ने मेयर पद के लिए मतदान करने के बाद सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर चुनाव का बहिष्कार कर दिया। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप छाबड़ा ने कहा कि अफसर भाजपा के दबाव में काम कर रहे हैं। लिखित आदेश के बावजूद मतदान पक्ष में जाने से पहले किसी पार्षद की चेकिंग नहीं की गई। विरोध करने पर भाजपा पार्षदों ने एक-एक मोबाइल बाहर रख दिया, जबकि सभी के पास दो से तीन मोबाइल थे।
छाबड़ा ने कहा कि हमारे पार्षद मात्र 30 सेकंड में वोट डाल रहे थे जबकि भाजपा पार्षद दो मिनट का समय लगा रहे थे। इसका मतलब उनके पास अपनी वफादारी का सुबूत लाने के लिए कोई इलेक्ट्रानिक उपकरण मौजूद था। छाबड़ा ने कहा कि अफसरों को अपनी नौकरी करनी चाहिए, न कि पार्टी विशेष की मदद। हमने पहले ही प्रशासक वीपी सिंह बदनौर और डीसी को पत्र लिखकर मांग की थी कि कोई भी इलेक्ट्रानिक उपकरण अंदर न ले जाया जाए, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। आज सदन मेें लोकतंत्र की हत्या हुई है। दो वोट रद्द होना बताता है कि पार्टी में अभी भी फूट है। अफसरों ने दबाव में आकर पहले चंद्रावती शुक्ला का गलत तरीके से नामांकन रद्द किया और अब गुहार लगाने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई। इस दौरान कांग्रेस पार्षद देवेद्र सिंह बबला, सतीश कैंथ, रविंदर कौर गुजराल, शीला देवी मौजूद रहीं।
सदन इनका, सड़क हमारी : चावला
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुभाष चावला ने कहा कि कांग्रेस अब भाजपा पार्षदों के कच्चे चिट्ठे जनता के सामने लाएगी। यहां सदन में अफसरों की मदद से जीत हासिल कर ली है, लेकिन याद रहे, सदन आपका है तो सड़क हमारी है। हम शहर की जनता को बताएंगे कि किस तरह लोकतंत्र की हत्या कर भाजपा ने मेयर चुनाव में जीत हासिल की है।
कांग्रेस ने रविकांत शर्मा पर लगाए भ्रष्टाचार के आरोप, मेयर का पलटवार - बूथ घोटाला सबको मालूम है
कांग्रेस ने भाजपा के नवनिर्वाचित मेयर रविकांत शर्मा पर आरोप लगाया कि रेहड़ी फड़ी वालों को अवैध रूप से बैठाने वाले को भाजपा ने मेयर बना दिया है। साथ ही यह आरोप भी लगाया कि अपने लोगों को ठेका देकर काम कराने का भाजपा का इतिहास पुराना है। कांग्रेस के मेयर प्रत्याशी बबला ने कहा कि रविकांत शर्मा ने निगम का 2 करोड़ का सामान 60 लाख में बिकवा दिया था। बाद में हमने उसे 2 करोड़ 60 लाख में बिकवाया। इस पर पलटवार करते हुए रविकात शर्मा ने कहा कि बूथ घोटाला किसने किया, सभी को पता है। सेक्टर-22 में एक व्यक्ति के नाम पर टॉयलेट लेकर उसे चलाने वाले लोेग पहले अपने गिरेबान में झांकें।
दत्ता को चुनाव अधिकारी बनाने पर भी नाराजगी
कांग्रेस पार्षदों ने कहा कि अजय दत्ता संघ से जुड़े हुए व्यक्ति हैं। ऐसे व्यक्ति को चुनाव अधिकारी बनाए जाने का मतलब है चुनाव निष्पक्ष नहीं हो सकते हैं। चूंकि अफसरों से पैठ होने के कारण भाजपाइयों ने उन्हें चुनाव अधिकारी बनवा लिया। इस निर्णय का भी कांग्रेस घोर निंदा करती है।