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पीयू में पब्लिकेशन की संख्या हो रही कम.. रैंकिंग पर पड़ेगा असर

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चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय में पिछले पांच माह में पब्लिकेशंस की संख्या में गिरावट आई है। इससे पीयू की रैकिंग पर असर पड़ सकता है। शिक्षक भी कोरोना के कारण रिसर्च नहीं कर पा रहे हैं और दूसरा पीयू रिसर्च स्कॉलर को आने की अनुमति नहीं दे रही है। इसको लेकर वे चिंतित हैं।
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सूत्रों का कहना है कि सामान्य दिनों में पीयू के शिक्षकों के रिसर्च पेपर देश-विदेश के जर्नल्स में प्रकाशित होते थे। हर माह इनकी संख्या 100 से अधिक रहती थी, लेकिन पिछले पांच माह से यह संख्या घटकर 40 से 70 के बीच में है। पिछले पांच माह से रिसर्च कार्य रिसर्च स्कॉलर के जरिए नहीं हो पा रहा है और न शिक्षक विद्यार्थियों को गाइड कर पा रहे हैं। इस कारण जर्नल्स में रिसर्च पेपर कम प्रकाशित हो रहे हैं। जानकर शिक्षकों का कहना है कि यदि पीयू ने रिसर्च स्कॉलर्स के लिए रास्ते नहीं खोले तो आने वाले समय में रैंकिंग पर बड़ा प्रभाव पड़ेगा। शिक्षकों पर बाद में अचानक भार पड़ेगा तो शिक्षा की गुणवत्ता भी प्रभावित हो सकती है। इसलिए पीयू रिसर्च स्कॉलरों को बुलाए।
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