मनीमाजरा। सीसीटीवी कैमरों ने एक तरफ जहां वाहनों की तेज गति पर रोक लगाकर लोगों को एक स्पीड के दायरे में चलाना शुरू किया है। वहीं, इन सीसीटीवी कैमरों में जाली नंबर लगाकर घूमने वालों पर नकेल कसने का कोई फॉर्मूला नहीं है। हैरान करने वाली बात है कि चोरी के वाहन पर फर्जी नंबर लगाकर घूमने वालों के चालान कटने पर उस नंबर के वाहन मालिक को परेशानी झेलनी पड़ रही है, जबकि उस नंबर की गाड़ी कोई और होती है और पुलिस की तरफ से भेजे चालान में कुछ और बताई जाती है।
ऐसा ही एक मामला मनीमाजरा का सामने आया है। इसमें मुकेश कुमार के पास ब्रेजा कार CHO1 BN 3324 है। उनका कहना कि ट्रैफिक पुलिस ने उन्हें चालान का संदेश मोबाइल पर भेजा है, जिसमें इस नंबर को मोटर साइकिल का नंबर बताया गया है। उनका कहना कि जिस दिन का यह चालान है, वे शहर में नहीं थे। ट्रैफिक पुलिस की लापरवाही देखिए कैमरे में साफ-साफ दिख रहा है कि मोटर साइकिल पर टेप से नंबर लिखा हुआ है, फिर भी पुलिस ने बिना जांच किए उनकी कार का रेड लाइट जंप का चालान भेज दिया। समाजसेवी राजकुमार सैनी का कहना है कि पहले भी ऐसी कई घटनाएं हो चुकी हैं। मुकेश कुमार का कहना है कि उनका चालान रद्द किया जाए और दोषी व्यक्ति को पकड़कर उसके खिलाफ बनती कार्रवाई की जाए।