चंडीगढ़। फीस माफी को लेकर चल रही एनएसयूआई की भूख हड़ताल आठवें दिन रविवार को भी जारी रही। सीनेटर डीपीएस रंधावा छात्रों के समक्ष पहुंचे और उनका समर्थन किया। उन्होंने कहा कि छात्रों की फीस का मुद्दा जायज है।
एनएसयूआई अध्यक्ष निखिल नरमेटा ने बताया कि कोरोना के कारण तमाम विद्यार्थियों के पास फीस जमा करने के लिए पैसे नहीं हैं। उनके परिवारों की आजीविका नहीं रही। नौकरी आदि प्रभावित होने के कारण छात्र फीस नहीं जमा कर सकते, इसलिए पहले सेमेस्टर की फीस न ली जाए। उन्होंने यह भी कहा कि फाइनल ईयर की परीक्षाएं किसी भी कीमत पर नहीं होनी चाहिए। कोरोना के कारण किसी के भी घर का चिराग बुझ सकता है, इसलिए अभिभावक भी अपने बच्चों को परीक्षा देने नहीं भेजना चाहते। उन्होंने यह भी कहा है कि हॉस्टलों का किराया माफ किया जाना चाहिए। पीयू प्रशासन की ओर से जो किराया माफ किए जाने की योजना चल रही है उसका प्रतिशत बहुत कम है। हॉस्टल का किराया शत-प्रतिशत माफ किया जाना चाहिए। उन्होंने कई अन्य मुद्दे भी उठाए। उधर, एबीवीपी का भी प्रदर्शन जारी है। रविवार को भी पदाधिकारियों ने हड़ताल की। चेतावनी दी कि अब वह उग्र आंदोलन करेंगे।