पुटा के अध्यक्ष व सचिव भी वहां आ गए। कार्यकर्ताओं ने कहा कि वीसी को बाहर बुलाया जाए और सीनेट चुनाव न करवाने का कारण बताया जाए। काफी देर तक वीसी नहीं पहुंचे तो कार्यकर्ता बैरिकेट पार करने की कोशिश करने लगे। पुलिस ने उन्हें रोका तो इसी बीच धक्कामुक्की हो गई। इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं में नोकझोंक भी हुई।
प्रदर्शन स्थल पर डीएसडब्ल्यू प्रो. एसके तोमर आदि अधिकारी पहुंचे। उनके समक्ष मांग रखी गई कि वीसी से मिलने दिया जाए। आखिर में वीसी को संदेश भेजा गया। कार्यकर्ता नहीं मान रहे थे। वीसी ने पांच लोगों को अंदर आने की अनुमति दी। इसमें सीनेटरों के अलावा एनएसयूआई सोशल मीडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज लुबाना को बुलाया गया।
मनोज लुबाना ने बताया कि वीसी ने कहा है कि वह सीनेट चुनाव करवाने के लिए यूटी प्रशासन को सोमवार को पत्र लिखेंगे। सीनेट चुनाव करवाए जाएंगे। इसके अलावा सिंडिकेट की बैठक आयोजित करने की मांग रखी गई। उसके बाद कार्यकर्ता शांत हो गए और प्रदर्शन खत्म हो गया। इस मौके पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप छाबड़ा, कांग्रेस नेता दीपा, सुखजीत सिंह, परगट बरार, अनुज सिंह, जशन कंबोज, सिया मिनोचा, फतह सिंह, अतिंदरजीत सिंह रोबी, राहुल कुमार, राजकरण सहित कई नेता मौजूद रहे।
सीनेटरों से नहीं मिल रहे थे वीसी, प्रदर्शन का लिया सहारा
सूत्रों का कहना है कि सिंडिकेट की बैठक करवाने व सीनेट चुनाव को लेकर कुछ सीनेटर वीसी से मिलना चाह रहे थे। वह अपनी बात पहुंचाना चाहते थे, लेकिन वीसी नहीं मिल रहे थे। लगातार सीनेट चुनाव लेट हो रहा था। इसी को लेकर प्रदर्शन की रणनीति बनाई गई और सीनेटरों ने अपनी बात वीसी तक पहुंचाई।