इस बार गर्मियों में पंजाब के लोगों के लिए मुश्किलें बढ़ेंगी। दिल्ली के नॉर्दर्न रीजनल लोड डिस्पैच सेंटर (एनआरएलडीसी) ने पंजाब को अतिरिक्त बिजली देने से इनकार कर दिया है। एनआरएलडीसी ने इसके पीछे तकनीकी वजह बताई है। इस कारण इस बार सूबे में 25 प्रतिशत अधिक पावर कट लग सकते हैं।
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वर्ष 2020 में बिजली के अधिक पावर कट लगाने की जरूरत नहीं पड़ी थी लेकिन इस बार हालात अलग हैं। इस बार राज्य में 14000 मेगावाट की बिजली की मांग है, जबकि पीएसपीसीएल के पास सभी स्रोत मिलाकर 13596.35 मेगावाट बिजली उपलब्ध है। अगले महीन तक इस मांग में वृद्धि हो सकती है। इस कारण से पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) के चेयरमैन-कम-मैनेजिंग डायरेक्टर ए वेणु प्रसाद ने एनआरएलडीसी को पत्र लिखकर बिजली की मांग की थी। मांग खारिज होने के बाद अब पावर कट के अलावा कोई चारा नहीं रह गया है।
यह हो सकता है समाधान
पीएसपीसीएल के अधिकारियों के मुताबिक, रोपड़ में बंद पड़े थर्मल प्लांटों की दो यूनिट को यदि शुरू कर दिया जाए तो पावर कट की इस समस्या से निजात मिल सकती है। लेकिन ऐसा करना अभी सूबे के लिए मुश्किल है। इसके लिए पहले से तैयारी नहीं की गई है।
तीन महीने होती है ज्यादा दिक्कत
गर्मियों के तीन महीने अप्रैल, मई और जून में बिजली की मांग बढ़ जाती है। 2020 में कोरोना काल में 7200 मेगावाट की रोज खपत हो रही थी लेकिन इस बार कुछ कम है।
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