वाइब्रेंट गुजरात सम्मेलन में कई एनआरआई ने मुख्यमंत्री के समक्ष उठाया था मुद्दा
चंडीगढ़। हरियाणा मूल के एनआरआई की परेशानियों व शिकायतों का समाधान अब एक छत के नीचे होगा। हरियाणा सरकार ने सोमवार को सिविल सचिवालय में अप्रवासी भारतीय शिकायत निवारण प्रकोष्ठ का गठन किया है। दरअसल, गांधीनगर में आयोजित 10वें वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट-2024 के दौरान जापान, अमेरिका व अफ्रीकन देशों की 10 से अधिक कंपनियों के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल के साथ वन-टू-वन बैठक की थी और हरियाणा में निवेश करने की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। निवेशकों ने हरियाणा सरकार की उद्योग एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति के बारे में जानकारी ली थी और नीति के तहत हरियाणा में वर्तमान में स्थापित अपनी इकाइयों के विस्तार व नए स्थानों पर निवेश करने की इच्छा जाहिर की थी। इस दौरान विदेशी निवेशकों और एनआरआई ने मुख्यमंत्री के समक्ष कठिनाइयों व शिकायतों का समाधान त्वरित रूप से प्रदान करने के लिए सरकार की ओर से सहयोग का निवेदन किया था और इसी कड़ी में अप्रवासी भारतीय शिकायत निवारण प्रकोष्ठ सृजित किया गया है।