चंडीगढ़। यूटी प्रशासन की हाउस अलॉटमेंट कमेटी ने सरकारी आवास नियमों में संशोधन करते हुए ट्रांजिट आवास को लेकर नई व्यवस्था लागू की है। अब ट्रांसफर और रिटायरमेंट होने पर सरकारी आवास को चार महीने तक रखा जा सकेगा। चंडीगढ़ से बाहर ट्रांसफर होने पर छह महीने तक भी रखा जा सकेगा। इससे पहले वर्ष 2020 में प्रशासक ने आदेश जारी कर इसे दो महीने कर दिया था।
प्रशासन ने गवर्नमेंट रेजिडेंस (चंडीगढ़ एडमिनिस्ट्रेशन जनरल पूल) अलॉटमेंट रूल्स 1996 में संशोधन किया है। संशोधित नियमों के अनुसार अब से ट्रांजिट आवास के संबंध में पहले से लागू 22 जून 2020 के आदेश को हटा दिया गया है, जिसमें सेवानिवृत्ति या स्थानांतरण के बाद दो माह तक ट्रांजिट आवास बनाए रखने की अनुमति दी गई थी। इसके स्थान पर नए नियम के तहत यह स्पष्ट किया गया है कि नियम 13 की उप-धारा (2) के तहत जिन परिस्थितियों में सरकारी आवास की अवधि को बढ़ाया जा सकता है, वही नियम अब नियम 6 के तहत आने वाले ट्रांजिट आवास पर भी लागू होंगे।