चंडीगढ़। एसिडिटी से बचाव के लिए अब एक नई दवा आ गई है, जिसे पीकैब कहते हैं। ये दवा काफी कारगर है। अच्छी बात यह है कि यह ओरल दवा है। वहीं पुरानी दवाइयों को खाली पेट लेने की जरूरत होती थी लेकिन अब इस नई दवा को दिन में कभी भी लिया जा सकता है। इससे मरीजों को काफी आराम मिल रहा है। यह जानकारी पीजीआई गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग के प्रो. एसके सिन्हा ने शनिवार को भार्गव सभागार में जीआई इमरजेंसी अपडेट पर आयोजित सम्मेलन में दी। प्रो. एसके सिन्हा ने बताया कि एसिडिटी की किसी भी दवा का सेवन डॉक्टर की सलाह के बिना नहीं करना चाहिए। क्योंकि इससे पेट और अन्य कई तरह की परेशानी होने का खतरा बढ़ जाता है। प्रो. एसके सिन्हा ने बताया कि एसिडीटी में दो चीजें होती है एक तो एसिड बनता ज्यादा है और दूसरा में एसिड की मात्रा कम होगी लेकिन उन्हें तकलीफ ज्यादा होती है। इसे गैस्ट्रोइसोफेजियल रिफ्लेक्स करते हैं। सबके पेट में एसिड होता है जो हमारी सुरक्षा करता है लेकिन जब यह फूड पाइप में चला जाए तो परेशान करता है। इसके इलाज के लिए दवाइयां है। पहले प्रोटोन पंप इनीवेटर ग्रुप की दवाएं दी जाती थीं। उसके बाद प्रोकाइनेटिक दवाएं आईं लेकिन अब नई ईजाद पीकैब दवा से काफी अच्छा परिणाम सामने आ रहा है। गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग पीजीआई चंडीगढ़ की ओर से आयोजित सम्मेलन का उद्घाटन पंजाब विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. रेनू विग ने बतौर मुख्य अतिथि की। इस अवसर पर पीजीआई निदेशक प्रो. विवेक लाल भी मौजूद थे। कार्यक्रम में 400 से अधिक रेजिडेंट डॉक्टर शामिल हुए, जिसमें 13 मुख्य वक्ता थे और 5 पैनल चर्चाएं भी हुईं।