हरियाणा के चौकीदार भी अब आयुष्मान योजना के अंतर्गत लाभान्वित होंगे। इसके लिए भी मसौदा तैयार कर दिया गया है। हरियाणा मंत्रिमंडल की अनौपचारिक बैठक में इस पर मुहर लग गई है। इसके अलावा सीवरमैन के साथ-साथ लाइनमैन, सहायक लाइनमैन, फायर मैन व फायर ड्राइवरों के लिए भी सरकार ने बड़ी व्यवस्था की है। इन लोगों के जोखिम भरे काम के लिए उनका 10 लाख रुपये का जीवन बीमा करवाने का निर्णय लिया है।
इसके अतिरिक्त मंत्रिमंडल की बैठक में कुछ उन मुद्दों पर भी चर्चा की गई, जिनकी घोषणा गत दिवस सीएम मनोहर लाल ने पानीपत रैली के दौरान की थी। इन सभी मुद्दों पर भी मंत्रिमंडल की अनौपचारिक बैठक में मंजूरी दी गई। इस बारे में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 10 नवंबर को सुबह 10.30 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से केएमपी का उद्घाटन करेंगे।
उन्होंने बताया कि सरकार ने लाल डोरे की प्रथा को खत्म कर दिया है। बैठक में छात्र-छात्राओं के शैक्षणिक संस्थानों में ड्राइविंग लाइसेंस बनाने, सक्षम योजना में सभी ग्रेजुएट युवाओं को भी शामिल किए जाने, खेतों में जाने वाली 3 और 4 क्रम के रास्तों पर लाल ईंटों का खडंजा बिछाने, खेतों में जाने वाले नहरी खाले 24 फुट प्रति एकड़ को 40 फुट प्रति एकड़ करने, हरियाणा सरकार के सभी कर्मचारियों को 6 तरह की बीमारियों के लिए कैशलैस स्वास्थ्य सुविधा देने इत्यादि मुद्दों को भी मंजूरी दी गई।
जींद उपचुनाव से संबंधित प्रश्न का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग चुनाव की तारीख तय करता है, इसमें सरकार किसी भी तरह से हस्तक्षेप नहीं कर सकती। पार्टी चुनाव के लिए पूरी तरह से तैयार है। अभय चौटाला के आरोप के संबंध में पूछे गए प्रश्न का जवाब देते हुए श्री बेदी ने कहा कि वे परिवारिक बात पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते।
पूर्व सरकारों के जनप्रतिनिधियों को नहीं मिलेगी पेंशन
हरियाणा सरकार ने एक बड़ी घोषणा जनप्रतिनिधियों के संदर्भ में भी की है। सरकार ने प्रदेश के सभी भूतपूर्व सरपंचों, जिला परिषदों व ब्लॉक समितियों के प्रधानों को सम्मान के रूप में 1000 रुपये तथा अधिकतम 2000 रुपये प्रति माह पेंशन देने का निर्णय लिया है। नगर निगमों के सभी भूतपूर्व मेयर को भी हर अवधि के लिए 2500 रूपये तथा भूतपूर्व सीनियर डिप्टी मेयर, भूतपूर्व डिप्टी मेयर, हर नगर परिषद के प्रधान को 2000 रुपये व नगर पालिका के भूतपूर्व प्रधानों को 1000 रुपये, भूतपूर्व सरपंचों को 1000 रुपये, जिला परिषद के भूतपूर्व चेयरमैन को 1500 रुपये, ब्लॉक समिति के भूतपूर्व चेयरमैन को 1500 रुपये, भूतपूर्व वाईस चेयरमैन को 1000 रुपये प्रति माह पेंशन दी जाएगी। ये पेंशन उन उक्त जनप्रतिनिधियों को दी जाएगी जो 1 नवंबर 2018 से भूतपूर्व बनेंगे और जिनका कार्यकाल कम से कम ढाई साल होगा।