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Chandigarh News: अब नाक की हड्डी कटेगी सटीक, सर्जरी के बाद सूजन और दर्द से राहत

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चंडीगढ़। अब नाक की सर्जरी में हड्डी को अधिक सटीक तरीके से काटा जा सकेगा और ऑपरेशन के बाद सूजन व दर्द भी न्यूनतम रहेगा। पीजीआई के डॉक्टरों ने एक नई और आधुनिक तकनीक पायजो सर्जरी पर शोध किया है जिसमें अल्ट्रासोनिक उपकरणों की मदद से केवल हड्डी पर ही सटीक कार्य किया जाता है। अभी तक नाक की सर्जरी में अधिकतर पारंपरिक औजारों जैसे हथौड़ी और छेनी का उपयोग कर नाक की हड्डी को तोड़कर या उसका आकार देकर ऑपरेशन किया जाता था। इस पद्धति से सर्जरी तो सफल हो जाती थी, लेकिन ऑपरेशन के बाद मरीजों को अधिक सूजन, नीला पड़ना, तेज दर्द और लंबे समय तक रिकवरी की समस्या का सामना करना पड़ता था।
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इस शोध का उद्देश्य जानना था कि क्या पायजो तकनीक पुरानी पद्धति की तुलना में मरीजों के लिए ज्यादा सुरक्षित, कम दर्दनाक और जल्दी राहत देने वाली साबित हो सकती है। यह रिसर्च पीजीआई के प्लास्टिक, एस्थेटिक एंड रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों द्वारा की गई है, जिसे इंटरनेशनल जर्नल ऑफ एस्थेटिक प्लास्टिक सर्जरी में प्रकाशित किया गया है। यह शोध प्लास्टिक सर्जरी विभाग के प्रमुख डॉ. अतुल पराशर के नेतृत्व में हुआ है।
शोध में 13 मरीजों की पायजो सर्जरी तकनीक से सर्जरी
शोध में 13 मरीजों को शामिल किया गया, जिनकी नाक की सर्जरी पायजो सर्जरी तकनीक से की गई। सर्जरी के बाद मरीजों का आकलन पहले दिन, सातवें दिन, 30वें दिन और 90वें दिन किया गया। सूजन और नीलेपन (इकाइमोसिस) के आकलन के लिए कारा स्कोर और कैगलर स्कोर, जबकि दर्द के स्तर को मापने के लिए न्यूमेरिकल रेटिंग स्केल (1 से 10) का उपयोग किया गया। शोध के निष्कर्षों के अनुसार सर्जरी के पहले ही दिन मरीजों में सूजन और दर्द का स्तर अपेक्षाकृत कम पाया गया। सातवें दिन तक इन लक्षणों में और स्पष्ट सुधार देखा गया, जबकि एक महीने और तीन महीने के भीतर सूजन, दर्द और नीला पड़ना पूरी तरह समाप्त हो गया।
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पायजो सर्जरी में नाजुक टिश्यू रहते हैं सुरक्षित
शोध में यह भी सामने आया कि पायजो सर्जरी के दौरान हड्डी को काटते समय आसपास के नाजुक टिश्यू सुरक्षित रहते हैं। इससे ऑपरेशन के बाद होने वाली परेशानियां काफी कम हो जाती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार पारंपरिक औजारों की तुलना में पायजोइलेक्ट्रिक तकनीक अधिक सटीक, सुरक्षित और मरीज-अनुकूल है। इस शोध से यह स्पष्ट होता है कि राइनोप्लास्टी में पायजो सर्जरी तकनीक भविष्य में एक प्रभावी और भरोसेमंद विकल्प के रूप में व्यापक रूप से अपनाई जा सकती है।

पायजोइलेक्ट्रिक उपकरणों के बारे में आप भी जानें
पायजोइलेक्ट्रिक उपकरण ऐसे आधुनिक सर्जिकल यंत्र होते हैं जो अल्ट्रासोनिक (अति-ध्वनि) कंपन की मदद से काम करते हैं। ये उपकरण खास तौर पर हड्डी को बहुत सटीक और नियंत्रित तरीके से काटने या तराशने के लिए बनाए गए हैं।पायजोइलेक्ट्रिक मशीन में एक खास टिप लगी होती है जो तेज लेकिन नियंत्रित कंपन पैदा करती है। ये कंपन सिर्फ कठोर हड्डी पर असर करती है जबकि आसपास की नरम टिश्यू जैसे त्वचा, नसें, रक्त नलिकाएं और मांसपेशियां सुरक्षित रहती हैं। यही इसकी सबसे बड़ी खासियत है।
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