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अब प्रत्याशी के खाते में जाएगा सोशल मीडिया पर विज्ञापन का खर्च 

Wed, 04 Jan 2017 12:46 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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प्रकाश सिंह बादल - फोटो : अमर उजाला
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पंजाब विधानसभा चुनाव-2017 में हिस्सा लेने वाली सभी राजनीतिक पार्टियां और आजाद उम्मीदवार चुनाव आयोग की ओर से बनाई गई जिला स्तरीय मीडिया सर्टिफिकेशन एंड मॉनीटरिंग कमेटियों और राज्य स्तरीय कमेटी की स्वीकृति के बाद ही टीवी/केबल चैनलों, रेडियो और मोबाइल पर विज्ञापन कर सकेंगे।
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पंजाब के मुख्य चुनाव अधिकारी वीके सिंह ने कहा है कि विज्ञापन संबंधी पहले से तय नियम का दायरा बढ़ाते हुए सिनेमा घरों, सार्वजनिक क्षेत्रों में ऑडियो-वीडियो और बड़े स्तर पर एसएमएस, आवाज आधारित संदेश भी शामिल किए गए हैं। 

उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव अधिकारी कार्यालय की ओर से राजनीतिक पार्टियों को सियासी विज्ञापन के लिए स्वीकृति देने को सभी जिला उपायुक्तों के नेतृत्व में मीडिया सर्टिफिकेशन एंड मॉनीटरिंग कमेटियों का गठन किया गया है। जबकि राज्य स्तर पर अतिरिक्त मुख्य चुनाव अधिकारी के नेतृत्व में यह कमेटी गठित की गई है। 
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चुनाव आयोग ने विज्ञापन संबंधी नियम का दायरा बढ़ाया

चुनाव - फोटो : file
इसके अलावा मुख्य चुनाव अधिकारी के नेतृत्व में कमेटी विज्ञापन संबंधी स्वीकृतियों के बाबत प्राप्त शिकायतों का निपटारा भी करेगी। 

वीके सिंह ने कहा कि चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों की ओर से सोशल मीडिया के प्रयोग संबंधी अपने नामांकन पत्र भरते समय विवरण देना पड़ेगा क्योंकि चुनाव आयोग द्वारा इंटरनेट आधारित सोशल मीडिया पर किए जाने वाली विज्ञापन के लिए भी पहले स्वीकृति लेनी पड़ेगी और इस पर होने वाले खर्च को भी चुनाव खर्चों में जोड़ा जाएगा।

 इसके साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उम्मीदवार की ओर से अपने बलॉग/अकाउंट वेबसाइट पर जारी संदेश/टिप्पणी/चित्रों/वीडियो पोस्ट या अपलोड करने के लिए किसी भी प्रकार की स्वीकृति की जरूरत नहीं है, लेकिन इंटरनेट आधारित ई-पेपर में विज्ञापन देने के लिए स्वीकृति लेनी पड़ेगी। 
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