चंडीगढ़। कोविड के इलाज पर खर्च का क्लेम न देने पर जिला उपभोक्ता आयोग ने द ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी को सेवा में लापरवाही का दोषी माना है। आयोग ने कंपनी को 2.34 लाख रुपये का क्लेम और पंद्रह हजार रुपये हर्जाना व दस हजार रुपये मुकदमा खर्च अदा करने आदेश दिया है। आयोग ने हरियाणा के जगाधरी की रहने वाली अनिता जैन की शिकायत पर यह फैसला सुनाया है।
शिकायतकर्ता ने बताया कि उनके पति को साल 2021 में कोरोना हो गया था। चंडीगढ़ के सेक्टर-8 स्थित सीएचडी सिटी अस्पताल में उनकी मौत हो गई थी। उनके इलाज के लिए उन्होंने 5.34 लाख रुपये खर्च किए थे, लेकिन कंपनी ने उन्हें केवल 3.0 लाख रुपये का ही क्लेम दिया। बाकी के 2.34 लाख रुपये कंपनी ने गैर कानूनी तरीके से काट लिए। इसलिए उन्होंने बीमा कंपनी के खिलाफ उपभोक्ता आयोग में केस फाइल किया था।
शिकायत के मुताबिक अनिता और उनके पति अशोक कुमार जैन ने 19 जून 2020 को हेल्थ इंश्योरेंस रिन्यू करवाई थी। उन्होंने दस लाख की इंश्योरेंस के लिए 28,342 रुपये प्रीमियम दिया। 14 मार्च 2021 को उनके पति बीमार हो गए। टेस्ट करवाने पर वह कोरोना पॉजिटिव निकले। उन्हें सेक्टर-8 के सीएचडी सिटी अस्पताल में भर्ती करवाया गया। वे कोरोना से उबर नहीं सके और 30 मार्च 2021 को उनका निधन हो गया। उनके इलाज पर 5.34 लाख रुपये खर्च हो चुके थे। ये खर्च परिवार ने अपनी तरफ से किया था। अनिता ने जब इंश्योरेंस कंपनी से क्लेम के लिए आवेदन किया तो उन्हें पूरी रकम का भुगतान नहीं किया गया। इसलिए उन्होंने आयोग में शिकायत दायर कर दी। उनकी याचिका को आयोग ने मंजूर करते हुए इंश्योरेंस कंपनी के खिलाफ फैसला सुनाया है।