चंडीगढ़। सेक्टर-18 स्थित स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (एसटीए) ने बाइक टैक्सी व ऑटो एग्रीगेटर के लिए रैपिडो कंपनी को लाइसेंस दे दिया है। कंपनी की तरफ से सोमवार को इसकी पुष्टि की गई। शहर में कंपनी के 30 हजार के करीब बाइक टैक्सी व ऑटो चलते हैं। लाइसेंस नहीं होने की वजह से एसटीए की तरफ से कंपनी के वाहन चालकों का लगातार चालान काटा जा रहा था, लेकिन अब उन्हें राहत मिलेगी।एसटीए ने हाल ही में दोपहिया वाहनों के व्यावसायिक उपयोग के लिए पीले नंबर प्लेट की अनुमति दी है। कुछ बाइक चालकों को पीली नंबर प्लेट जारी भी की जा चुकी है। इससे बाइक टैक्सी चालकों को काफी राहत मिली है। रैपिडो के सह-संस्थापक पवन गुंटुपल्ली ने कहा कि रैपिडो को समाज की जरूरतों को पूरा करने के लिए डिजाइन किया गया है, जो रोजाना देश भर में बाइक और ऑटो पर तकरीबन 1.5 मिलियन राइड्स उपलब्ध कराता है। उन्होंने कहा कि वह चंडीगढ़ प्रशासन की सराहना करते हैं कि उन्हें लाइसेंस प्रदान किया गया। उन्होंने कहा कि यह कदम किफायती परिवहन सुविधाएं उपलब्ध कराते हुए शहर में बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर भी उत्पन्न करेगा। उधर, एसटीए के अनुसार 31 अगस्त से पहले सात साल के अंदर खरीदी गई पेट्रोल बाइकों को ही पीली नंबर प्लेट प्रदान की जाएगी। अगर इन बाइकों को सफेद नंबर प्लेट मिला हुआ है तो इन्हें सेक्टर-17 स्थित आरएलए से एनओसी लेनी होगी। इसके बाद वह सेक्टर-18 स्थित स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी के पास पीली नंबर प्लेट के लिए आवेदन कर सकेंगे। इसके लिए उन्हें फीस चुकानी होगी। एक सितंबर के बाद अगर किसी व्यक्ति ने पेट्रोल मोटरसाइकिल खरीदी है और अगर वह उसे बाइक टैक्सी के रूप में इस्तेमाल करना चाहता है तो उसे पीली नंबर प्लेट नहीं दी जाएगी। सिर्फ नई इलेक्ट्रिक बाइकों को ही पीली नंबर प्लेट दी जाएगी।