चंडीगढ़। पंजाब के राज्यपाल व यूटी प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने शहर के सरकारी अस्पतालों और कोविड केयर सेंटरों में भर्ती मरीजों को गुणवत्ता युक्त भोजन उपलब्ध कराने का आदेश दिया है। प्रशासक ने मरीजों को दिए जा रहे खाने की गुणवत्ता की समीक्षा की।
उन्होंने आदेश में कहा है कि अधिकारी मरीजों को दिए जा रहे भोजन की गुणवत्ता का ध्यान रखें। मरीजों के लिए भोजन डॉक्टरों और डाइटीशियन की निगरानी में तैयार किया जाना चाहिए। मरीजों के भोजन की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। इसके अलावा साफ-सफाई भी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह ट्वीट तब किया, जब 19 मई के अंक में अमर उजाला की ओर से शहर के सरकारी अस्पतालों और कोविड केयर सेंटर में मरीजों को दी जा रही खुराक पर सवाल उठाए गए। वहीं, स्वास्थ्य निदेशक ने कहा है कि मरीजों के खाने पर अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंप दी गई है। अच्छी गुणवत्ता वाला भोजन ही मरीजों को दिया जाएगा।
जीएमएसएच-16 में भर्ती मरीजों के तीमारदारों ने आरोप लगाया था कि खाने के नाम पर केवल सूखी रोटी, दाल और सोयाबीन की सब्जी परोसी जा रही है, स्वास्थ्य विभाग प्रतिदिन प्रति मरीज जीएमएसएच 16 में 175 रुपये खर्च कर रहा। वहीं, जीएमसीएच-32 और सूद धर्मशाला में 162 रुपये पौष्टिक आहार दिया जा रहा है।
बता दें कि गवर्नमेंट मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल (जीएमएसएच) सेक्टर-16 में भर्ती मरीजों के लिए सिर्फ 8 रसोइए भोजन बना रहे हैं। स्थिति यह है कि अस्पताल के आहार विभाग में तैनात 8 में से 6 रसोइए 55 साल के पार है। वहीं, दो अगले महीने सेवानिवृत्त होने जा रहे हैं, जबकि दो पद खाली पड़े हैं। ऐसे में अस्पताल प्रशासन कर्मचारियों की कमी के चलते मरीजों को अच्छा भोजन देने में कामयाब नहीं हो पा रहा है। मौजूदा समय में जीएमएसएच-16 में 242 बेडों पर कोरोना के मरीज भर्ती हैं।
क्या है मानक
किसी भी 200 बेड से ज्यादा के अस्पताल में आहार विभाग में कम से कम 45 कर्मचारियों की टीम होनी चाहिए। इसमें 8 रसोइए, 3 सुपरवाइजर, 4 हेल्पर, 4 बर्तन धोने वाले, कम से कम 25 से 30 ट्राली मैन और एक मैनेजर शामिल है, लेकिन जीएमएसएच-16 के पास 8 रसोइए और पेशेंट केयर हेल्पर के नाम पर 16 संविदा कर्मचारी तैनात हैं। इन्हीं कर्मचारियों से अस्पताल अलग-अलग पदों से जुड़े कार्य ले रहा है।
अब चिकित्सा अधीक्षक चखेंगे पहले भोजन
आहार विभाग की समस्या के समाधान के लिए शीघ्र ही संविदा पर कर्मचारी तैनात किए जाएंगे। मरीजों को पोषक तत्व युक्त आहार उपलब्ध कराने के लिए अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक व उप चिकित्सा अधीक्षक को जिम्मेदारी सौंपी गई है। वे प्रतिदिन मरीजों को भोजन देने से पहले खुद उसे चखेंगे। उसकी गुणवत्ता सही मिलने पर ही मरीजों को दिया जाएगा।
-डॉ. अमनदीप कंग, स्वास्थ्य निदेशक