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Chandigarh News: अब पंजाब के रास्ते जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ कर रहे पाकिस्तानी आतंकी

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पठानकोट में हथियारबंद संदिग्ध दिखने पर किया था अलर्ट, डीजीपी की संयुक्त बैठक में चर्चाअमर उजाला ब्यूरो
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चंडीगढ़/जम्मू जम्मू-कश्मीर में सेना की सख्ती के बाद अब आतंकियों ने घुसपैठ के लिए पंजाब को नया रास्ता बना लिया है। आतंकियों के पंजाब के रास्ते घुसपैठ कर जम्मू-कश्मीर में घुसने के इनपुट मिले हैं। पठानकोट में दिखे संदिग्धों को भी इससे जोड़कर देखा जा रहा है। बीते दिनों पठानकोट, गुरदासपुर के सीमावर्ती इलाकों में संदिग्ध दिखने के बाद पंजाब पुलिस ने अलर्ट किया था।

कठुआ में वीरवार को हुई पंजाब, जम्मू-कश्मीर व बीएसएफ के उच्चस्तरीय अधिकारियों की मीटिंग में भी इस पर चर्चा हुई है। इस संयुक्त बैठक में मिलकर पंजाब, जम्मू कश्मीर पुलिस व बीएसएफ ने एक साथ मिलकर आतंकियों पर प्रहार करने की रणनीति बनाई है। बैठक में पंजाब के स्पेशल डीजीपी (लॉ एंड ऑर्डर) अर्पित शुक्ला ने बताया कि बीते छह माह में पंजाब सीमा पर घुसपैठ करते हुए 21 पाकिस्तानियों को दबोचा गया है। पिछले कुछ समय से ड्रोन के अलावा घुसपैठियों की गतिविधियां बढ़ी हैं। कठुआ हमले के तार भी पंजाब से जुड़ रहे हैं। बीते दिनों पठानकोट, गुरदासपुर व आसपास के बॉर्डर एरिया में संदिग्ध देखे गए थे। यह इनपुट मीटिंग में शेयर किया गया। दोनों राज्यों की सीमा के साथ लगते नदी नालों की नए सिरे से निगरानी, सीमा पर सुरंगें खोजने की विशेष मुहिम चलाने व दोनों राज्यों की पुलिस और बीएसएफ के बीच संयुक्त खुफिया तंत्र का गठन शामिल है। कहां चूक हुई, इसे ठीक करने पर मंथन किया गया। कठुआ में हुई बैठक में बीएसएफ के विशेष डीजीपी वाई बी खुरानिया, पंजाब के डीजीपी गौरव यादव व जम्मू के डीजीपी आरआर स्वैन शामिल हुए। चर्चा हुई कि पिछले दिनों गुरदासपुर सीमा पर नदी से और जम्मू के कठुआ सांबा सीमा पर सुरंग के जरिए घुसपैठ हुई है।
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आईबी पर सुरक्षा ग्रिड होगा मजबूत नदियों व सुरंगों की बढ़ेगी निगरानी
जम्मू/कठुआ। जम्मू संभाग में आतंकवाद के सफाए की तैयारी कर ली गई है। अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा ग्रिड मजबूत होगी। इसे लेकर पंजाब, जम्मू-कश्मीर पुलिस, बीएसएफ और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने कठुआ में बैठक कर मंथन किया। बैठक में आतंकी हमलों पर मंथन के लिए सुरक्षा एजेंसियों का अमला जमा हुआ। सीमा पार से आतंकियों की घुसपैठ रोकने पर तीन अहम फैसले लिए गए। इसमें दोनों राज्यों के बॉर्डर के साथ लगते नदी-नालों की नए सिरे निगरानी, बॉर्डर पर सुरंगें खोजने की विशेष मुहिम चलाने और दोनों राज्यों की पुलिस और बीएसएफ के बीच संयुक्त खुफिया तंत्र का गठन शामिल है। चर्चा की गई कि कहां पर चूक हुई है। इसे कैसे ठीक किया जा सकता है। ब्यूरो/संवाद
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नदियों की निगरानी को बनेगा विशेष दस्ता
पंजाब पुलिस, जम्मू-कश्मीर पुलिस व बीएसएफ सीमा के नजदीक नदी-नालों की निगरानी करेंगे। इसके लिए विशेष दस्ते का गठन किया जाएगा। इस तरह की कार्रवाई जम्मू के अखनूर चिनाब दरिया में भी की जाती है। पंजाब और कठुआ सांबा के बड़े स्तर पर नदी नाले पाकिस्तान जाते हैं। ऐसी सूचना है कि पिछले दिनों गुरदासपुर सीमा पर नदी के जरिए आतंकियों ने घुसपैठ की।
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