चंडीगढ़। पीजीआई प्रशासन ने प्रतिदिन ओपीडी में आने वाले हजारों मरीजों की मुश्किल को आसान करने के लिए सोमवार को सारथी प्रोजेक्ट लॉन्च किया। ये प्रोजक्ट शहर के कॉलेजों के सहयोग से उनके एनएसएस के स्वयंसेवकों की मदद से चलाया जाएगा। स्वयंसेवक मरीजों को सही रास्ता दिखाने के साथ ही उनकी हर मुश्किल आसान करने का प्रयास करेंगे। इसके लिए उन्हें विशेष प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। इसकी शुरुआत सेक्टर-10 स्थित सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज फॉर वुमन के 22 एनएसएस स्वयंसेवकों के साथ की गई है। लॉन्चिंग कार्यक्रम के दौरान पीजीआई निदेशक प्रो. विवेक लाल ने स्वयंसेवकों को प्रमाण पत्र प्रदान कर उनके सहयोग और निष्ठा की सराहना की। उन्होंने स्वयंसेवकों को प्रमाण पत्र भी प्रदान किया।
प्रो. विवेक लाल ने कहा कि हर साल 30 लाख रोगियों के आने के कारण हमारी जनशक्ति अक्सर भीड़ को कंट्रोल करने में कम पड़ जाती है। इसलिए स्वयंसेवकों को शामिल करने का फैसला किया। उन्होंने बताया कि डीडीए पंकज राय ने अमेरिका के एक अस्पताल से प्रेरित होकर यह आइडिया दिया। छोटी सी पहल आने वाले समय में एक महत्वपूर्ण आंदोलन के रूप में विकसित होने की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने विशेष रूप से इसमें सहयोग करने वाले युवाओं के लिए कहा कि उनकी संवेदनशील उम्र में इस तरह के अनुभव जीवन के प्रति उनके दृष्टिकोण को आकार देने में मदद करेंगे।
मानव संसाधन की कमी होगी दूर
डीडीए ने कहा कि इस प्रोजेक्ट सारथी को एनएसएस स्वयंसेवकों से आगे बढ़ाया जाएगा। इसका उद्देश्य अस्पताल के संचालन के निर्बाध संचालन को सुनिश्चित करने के लिए भूतपूर्व सैनिकों, वरिष्ठ नागरिकों और अन्य स्वयंसेवकों को शामिल करना है। वहीं, चिकित्सा अधीक्षक प्रो. विपिन कौशल ने कहा कि प्रोजेक्ट सारथी एनएसएस स्वयंसेवकों की ऊर्जा और उत्साह का प्रभावी ढंग से उपयोग करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। स्वयंसेवकों की उपस्थिति मौजूदा कर्मचारियों को पूरक बनाएगी, जिससे संसाधनों का अधिक कुशल आवंटन और रोगी परिणामों में सुधार होगा। कार्यक्रम में सेक्टर-10 स्थित गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक कॉलेज फॉर विमेन की नोडल अधिकारी मधु मान भी मौजूद रहीं।