चंडीगढ़। शहर का हेरिटेज फर्नीचर विदेशों में नीलाम हो रहा है। नई नीलामी अमेरिका के शिकागो में हुई है, जिसमें चंडीगढ़ के 12 हेरिटेज आइटम्स करीब 1.24 करोड़ रुपये में बिके हैं। नीलामी में हाईकोर्ट, पेक, पीयू समेत कई सरकारी इमारतों की कुर्सी-मेज अन्य सामानों को रखा गया था। चंडीगढ़ हेरिटेज आइटम्स प्रोटेक्शन सेल के सदस्य अजय जग्गा ने मामले की शिकायत विदेश मंत्री एस. जयशंकर और केंद्रीय संस्कृति राज्य मंत्री मीनाक्षी लेखी को भेजी है और गंभीरता से जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसी नीलामी को रोकने के लिए प्रयास किए जाने चाहिए और फर्नीचर की संभाल के लिए संसद को कोई फैसला लेना चाहिए। हर साल करोड़ों रुपये का हेरिटेज फर्नीचर विदेशों में नीलाम हो रहा है। ऐसा तब हो रहा है, जब एमएचए ने हेरिटेज फर्नीचर की नीलामी पर रोक लगा रखी है। संभाल न करने के चलते प्रशासन को भी राजस्व से हाथ धोना पड़ रहा है। हेरिटेज फर्नीचर की ऐसी सभी नीलामी को रोकने के साथ ही इस पूरे मामले की जांच होनी चाहिए कि आखिरकार देश से बाहर ये हेरिटेज फर्नीचर पहुंच कैसे रहा है। जग्गा ने कहा कि पिछले कुछ महीनों से लगातार शहर के हेरिटेज फर्नीचर की अमेरिका में नीलामी हो रही है। इससे पहले शिकागो, न्यूजर्सी के नीलामी घर ने चंडीगढ़ की 9 हेरिटेज आइटम्स की नीलामी की थी, जो करीब 1.17 करोड़ रुपये में बिके थे।
25 लाख में बिके पीयू के डायनिंग चेयर्स
इस नीलामी में पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट की कमेटी चेयर्स करीब 7 लाख 86 हजार रुपये में बिके। वहीं, स्टैंडर्ड फ्लोर लैंप 7.86 लाख, डेस्क आर्म चेयर 8.38 लाख, स्टूल और आर्म चेयर 18.87 लाख, एमएलए फ्लैट बिल्डिंग के बेंच 1.57 लाख, पंजाब यूनिवर्सिटी के स्टूल 5.24 लाख, पंजाबी यूनिवर्सिटी के डाइनिंग चेयर 25.16 लाख, चंडीगढ़ के एडमिनिस्ट्रेटिव बिल्डिंग के डेबेड 15.73 लाख, कॉलेज ऑफ आर्किटेक्चर के स्टूल 9.26 लाख रुपये में बिके हैं। कुल 12 आइटम 1 करोड़ 24 लाख रुपये में नीलाम हुए हैं।
30 जुलाई को पेंसिलवेनिया में बिकी थी चंडीगढ़ की दो कुर्सियां
30 जुलाई को पेंसिलवेनिया शहर के बार्टन नीलामी घर में चंडीगढ़ की दो कुर्सी करीब सात लाख रुपये में बिकी थी। ये कंगारू कुर्सियां है, जिसे हेरिटेज का दर्जा प्राप्त हैं। चंडीगढ़ हेरिटेज आइटम प्रोटेक्शन सेल के सदस्य अजय जग्गा ने नई दिल्ली स्थित राज्य सभा के महासचिव को नीलामी से पहले ही जानकारी दी थी और इसे रोकने की मांग की थी, लेकिन नीलामी नहीं रुकी।