चंडीगढ़। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) के प्रमुख राकेश अस्थाना के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका सेक्टर-21 निवासी डेंटिस्ट मोहित धवन ने सोमवार को वापस ले ली। धवन ने याचिका दायर कर अस्थाना के खिलाफ फौजदारी का मामला चलाने के निर्देश देने की मांग की थी। जस्टिस एल नागेश्वर राव और जस्टिस रवींद्र भट की पीठ के समक्ष याचिकाकर्ता ने कहा कि वह समाधान के लिए अब पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में जाएंगे।
धवन ने याचिका में कहा है कि उन्होंने अस्थाना के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई थी, जो 2019 में सीबीआई निदेशक बनने से पहले बीएसएफ के प्रमुख थे लेकिन शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई, उल्टे उन्हें ही परेशान किया गया। धवन ने पुलिस पर अवैध वसूली, प्रताड़ना एवं जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल करने के आरोप लगाए हैं। याचिकाकर्ता के वकील सुशील टेकरीवाल ने अपने मुवक्किल को पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराने का निर्देश देने की भी मांग की थी। सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में कहा गया था केंद्रीय सतर्कता आयोग और सीबीआई शिकायत को 16 महीने से अधिक समय से दबा कर बैठे हैं और याचिकाकर्ता को नहीं बताया जा रहा है कि इस शिकायत के संबंध में क्या कदम उठाए गए हैं। मोहित धवन ने सुप्रीम कोर्ट से आग्रह किया था कि उनके द्वारा राकेश अस्थाना पर लगाए गए आरोपों के आधार पर जांच की जाए। उन्होंने अपनी याचिका में केस दर्ज करने संबंधी निर्देश देने की भी मांग की थी।
पूर्व डीजीपी समेत कइयों पर धमकाने का आरोप
सेक्टर-21 के डेंटिस्ट मोहित धवन ने एनसीबी प्रमुख राकेश अस्थाना, पूर्व डीजीपी तेजिंद्र सिंह लूथरा, डीएसपी सतीश कुमार, इंस्पेक्टर अश्वनी अत्री, सीबीआई के एसपी रामगोपाल गर्ग और केस की जांच कर रहे जांच अधिकारी बलविदर सिंह पर केस दर्ज करने की मांग की थी। धवन ने आरोप लगाए हैं कि राकेश अस्थाना ने उनसे 50 लाख रुपये ऐंठकर उनकी यूएस महिला पेशेंट को दिलवाने का प्रयास किया। इसके लिए उन्हें सतीश कुमार, अश्वनी अत्री द्वारा धमकाने का प्रयास किया गया। यही नहीं उन्हें डीजीपी के कमरे में ले जाकर धमकाया भी गया। बताया कि पुलिस ने एक यूएस महिला के इलाज में लापरवाही के आरोप का केस दर्ज किया और उनसे 50 लाख रुपये मांगने लगे। धवन ने उस विदेशी महिला और उसके पति पर भी केस दर्ज करने के अपील की हुई है। डॉ. मोहित धवन ने इसकी शिकायत चंडीगढ़ के चीफ विजिलेंस ऑफिसर और पीएमओ से भी की थी।