चंडीगढ़। नगर निगम अब अतिक्रमण हटाओ दस्ते के उप निरीक्षकों को टैबलेट देने जा रहा है। इससे उप निरीक्षक मौके पर ही ई-चालान कर सकेंगे। चालान का लिंक संबंधित व्यक्ति के मोबाइल पर पहुंच जाएगा और लिंक खोलने के बाद उसे चालान की राशि व रसीद मिल जाएगी। इससे मौके पर ही आसानी से भुगतान किया जा सकेगा।
नगर निगम उप निरीक्षकों के लिए 10 टैबलेट मंगवा रहा है। जिसकी कीमत लगभग ढाई से तीन लाख रुपये होगी। संयुक्त आयुक्त सौरभ अरोड़ा ने बताया कि हाल ही में निगम ने ई-चालान की व्यवस्था शुरू की है। इसमें उप निरीक्षक एप के माध्यम से अपने मोबाइल पर ही चालान काट रहे थे। इसमें कई समस्याएं आ रही थीं। वहीं, अब तक मैनुअल चालान होने से लोगों को चालान भरने निगम में आना पड़ता था। उसके बाद अपना सामान छुड़वाने औद्योगिक क्षेत्र स्थित स्टोर जाना पड़ता था। इस दौरान लोगों को काफी मशक्कत करनी पड़ती थी। दुकानदारों की मेहनत व समय बचाने के लिए ई-चालान व्यवस्था शुरू की है। इस व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए टैबलेट सभी उप निरीक्षकों को दिए जाएंगे।
कभी डिटेल उड़ रही थी तो कभी पैसे का हिसाब नहीं मिल रहा था
नई व्यवस्था शुरू होने के बाद उप निरीक्षकों ने मोबाइल से चालान तो शुरू कर दिया था लेकिन बीच में फोन आने पर कभी दुकानदार की डिटेल उड़ जाती थी तो कभी जुर्माने के पैसे का हिसाब ही नहीं मिलता था। ऐसे में मैनुअल चालान की अपेक्षा ई-चालान की गति कम दिखी। वहीं, इसका कोई डाटा भी नहीं तैयार हो पा रहा था। इसके अलावा नेटवर्क की भी समस्या थी। अब टैबलेट में उप निरीक्षक आसानी से चालान का डाटा संरक्षित कर सकेंगे। वहीं नेटवर्क की समस्या का भी निराकरण हो सकेगा।
पीओएस मशीन से कार्ड स्वैप करवाने की भी सुविधा
ई-चालान के साथ अब लोगों को चालान जमा करने में भी आसानी होगी। उप निरीक्षकों को स्वैप मशीन भी दी जा रही है। इससे लोग अपने एटीएम कार्ड के माध्यम से आसानी से जुर्माना भर सकेंगे। इससे पहले ऑनलाइन पेमेंट की सुविधा न होने पर लोगों को पुरानी पद्धति से ही जुर्माना भरना पड़ता था। इससे लोगों को परेशान होना पड़ता था।
गाड़ी का पेट्रोल व कर्मचारियों का खर्चा कम होगा
ई-चालान व मौके पर भी जुर्माने के भुगतान से निगम को भी फायदा होगा क्योंकि पहले सामान जब्त कर निगम की गाड़ियों में भरकर औद्योगिक क्षेत्र स्थित स्टोर में लाना पड़ता था। वहीं सामान उठाने के लिए कर्मचारियों की भी तैनाती करनी पड़ती थी। नई व्यवस्था में पेट्रोल के साथ कर्मचारियों को भी निगम अन्य कार्यों में लगा सकेगा। निगम को अभी पेट्रोल पंप पर लगाने के लिए भी कर्मचारी चाहिए। ऐसे में इन कर्मचारियों का उपयोग निगम अन्य कार्यों में आसानी से कर सकेगा।
कोट
दुकानदार व व्यापारियों की सुविधा के लिए नई व्यवस्थाएं शुरू की गईं हैं। इन व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए उप निरीक्षकों को टैबलेट व पीओएस मशीन दी जाएगी।
सौरभ अरोड़ा, संयुक्त आयुक्त, नगर निगम