बताया जा रहा है कि यूटी के करीब 24 हजार नियमित कर्मचारियों को प्रशासन के इस फैसले से फायदा मिलेगा। यूटी कर्मचारियों के वेतनमान और सेवा शर्तों में बदलाव होगा। अधिसूचना में विभिन्न पे-ग्रेड के लिए टेबल दिए गए हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय के एक आंकड़े के अनुसार चंडीगढ़ में प्रशासन, विभिन्न बोर्ड, निगम व अन्य में कुल 24858 कर्मचारी कार्य कर रहे हैं। इनमें से 971 कर्मचारी विभिन्न श्रेणियों के तहत डेपुटेशन पर हैं। इनमें से 602 कर्मचारी पंजाब से, 323 हरियाणा से और 46 अन्य राज्य, केंद्र शासित प्रदेश व गृह मंत्रालय से हैं। इनमें भी शिक्षा में ग्रुप-सी के कर्मचारी सबसे ज्यादा हैं। हालांकि समय के अनुसार आंकड़ों में बदलाव होते रहते हैं।
सेवानिवृत्ति की उम्र 58 से हो जाएगी 60 वर्ष
गृहमंत्री अमित शाह ने पिछले साल अपने चंडीगढ़ दौरे के दौरान यूटी प्रशासन के हजारों कर्मचारियों पर केंद्रीय सेवा नियम लागू करने की घोषणा की थी। उन्होंने कहा था कि पिछले काफी समय से इसकी मांग की जा रही थी। इन नियमों से कर्मचारियों को काफी लाभ होगा। सेवानिवृत्ति की उम्र 58 से 60 वर्ष हो जाएगी। शिक्षा के साथ जुड़े हुए सभी कर्मचारी व अधिकारियों की सेवानिवृत्ति की आयु 65 साल हो जाएगी। कर्मचारी बाल शिक्षा के भत्ते के लिए भी हकदार हो जाएंगे। इसके अलावा केंद्र के कर्मचारियों की तरह चंडीगढ़ की महिला कर्मचारियों को चाइल्ड केयर के लिए दो साल की छुट्टी मिल सकेगी।
इन कर्मचारियों पर नए नियम नहीं होंगे लागू
ये नियम केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के मामलों के संबंध में कार्यरत ऑल इंडिया सर्विसेज के सदस्यों, पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के कर्मचारियों, चंडीगढ़ के पूरा समय रोजगार में नहीं रहने वाले व्यक्तियों व इंजीनियरिंग विभाग के बिजली विंग के कर्मचारियों पर लागू नहीं होंगे, जिनके वेतनमान वर्तमान में पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड विनियम 2021 की ओर से दिए जा रहे हैं। बताया गया कि बिजली विंग के संबंध में अधिसूचना अलग से जारी की जाएगी। इसके अलावा नियम चंडीगढ़ प्रशासन में डेपुटेशन पर आए कर्मचारियों, सेवानिवृत्ति के बाद सरकारी सेवा में दोबारा नियुक्त कर्मचारियों व अनुबंध पर काम कर रहे कर्मचारियों पर भी लागू नहीं होंगे।