चंडीगढ़। चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (सीएचबी) ने मौलीजागरां के मकान नंबर-1880 और 1881 को खाली कराने का नोटिस भेजा है। इन दोनों मकानों में शराब का ठेका चलाया जा रहा था, जिसके बाद बोर्ड ने 2 मई को इन मकानों का आवंटन रद्द कर 30 दिन में खाली करने के आदेश दिए थे। डेढ़ महीना बीत जाने के बाद भी मकान को खाली नहीं किया गया, जिसके बाद सोमवार को बोर्ड ने तुरंत मकान को खाली कराने का नोटिस जारी किया है। चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड के सीईओ यशपाल गर्ग की तरफ से यह आदेश जारी किए गए हैं। उन्होंने लिखा है कि अगर आवंटी के पास कोई स्पष्टीकरण या सबूत है तो वह 22 जून को चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड में आकर दे सकते हैं। साथ में उन्हें कारण भी बताना होगा कि उन्होंने बोर्ड के आदेश का पालन क्यों नहीं किया। मौलीजागरां के मकान नंबर-1880 और 1881 में रहने वाले लोगों को यह मकान खाली करने का नोटिस भेजा गया है। बोर्ड की तरफ से बताया गया कि मार्च 1993 में मौलीजागरां में मकान नंबर-1880 को बिंदेश्वर और मकान नंबर-1881 को अशर्फी प्रसाद को बोर्ड की तरफ से विभिन्न नियम व शर्तों के तहत मकान आवंटित किया गया था। नियमों में स्पष्ट लिखा गया है कि मकानों को सिर्फ रहने के लिए ही इस्तेमाल किया जा सकता है। बोर्ड की मंजूरी के बिना मकानों में अतिरिक्त निर्माण व तोड़फोड़ की भी मंजूरी नहीं है, लेकिन हाउसिंग बोर्ड ने सर्वे में पाया कि मकान नंबर-1880 और 1881 को अंदर से जोड़ दिया गया है। दोनों को जोड़कर एक शराब का ठेका चलाया जा रहा है। साथ ही सरकारी जमीन पर पहले, दूसरे और तीसरे फ्लोर पर छज्जा और बालकनी का निर्माण भी किया गया है। मकान नंबर-1880 की छत पर एक मोबाइल टावर भी लगा दिया गया है। यह सब नियमों का उल्लंघन कर हुआ है। कई बार नोटिस भी जारी किया गया। आखिर में दो मई को दोनों मकानों का आवंटन रद्द किया गया था और 30 दिन में मकान को खाली करने का आदेश दिया गया था।
बोर्ड ने माना, अब दोनों मकानों में अवैध कब्जा
बोर्ड ने आवंटन के समय पर दी गई राशि को भी नियमों के तहत जब्त कर लिया है। दो मई को आदेश दिए थे आवंटियों को 30 दिन के अंदर मकान को खाली करना होगा और चीफ इंजीनियर को पजेशन सौंपना होगा। आवंटियों की तरफ से अगर ऐसा नहीं किया जाता है तो अवैध कब्जा मानकर हाउसिंग बोर्ड की तरफ से कार्रवाई शुरू की जाएगी। अब तक मकान खाली नहीं हुआ है, इसलिए बोर्ड अब अवैध कब्जा मानकर खाली कराने का नोटिस जारी किया है। बता दें कि आवासीय इलाके में शराब का ठेका खुले होने की वजह से आसपास के लोगों को काफी परेशानी हो रही थी।