किसी भी किस्म की कार्रवाई से पहले 7 दिन का नोटिस देने की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने सीनियर कांग्रेसी नेता सुखपाल खैरा की याचिका पर पंजाब सरकार को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। खैरा का आरोप 27 अप्रैल को भुलत्थ में उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर में अगर वह जांच के शामिल होने पहुंचे तो उन्हें किसी अन्य मामले फंसाकर गिरफ्तार किया जा सकता है।
उन्हें पता चला है कि उन्हें, उनकी पत्नी और स्वर्गीय पिता को भी एक आईपीसी की धारा 420 के तहत नामजद किया गया है। हैरत की बात यह है कि एफआईआर पोर्टल पर अपलोड नहीं की गई है। खैरा का आरोप है कि सरकार उनके खिलाफ राजनीतिक रंजिश के तहत काम कर उन्हें फंसाना चाहती है, ऐसे में उनके खिलाफ किसी भी किस्म की कार्रवाई करने से पहले उन्हें 7 दिन का नोटिस दिया जाए। सुनवाई के दौरान सरकार ने कहा कि इस एफआईआर में सुखपाल खैरा आरोपी नहीं हैं। जहां तक एफआईआर अपलोड न होने की बात है तो यह तकनीकी खामी का नतीजा है। हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद सरकार को नोटिस जारी कर पूरे मामले में जवाब तलब कर लिया है। साथ ही कोर्ट ने एफआईआर अपलोड न होने के कारणों पर भी रिपोर्ट भी मांग ली है।