चंडीगढ़। मलोया के 4 मंजिला मकानों में गंदे पानी की आपूर्ति का मामला गंभीर हो गया है। इस मामले में पंजाब राज्य और चंडीगढ़ (यूटी) मानवाधिकार आयोग ने संज्ञान लेते हुए नगर आयुक्त को नोटिस जारी किया है। इसमें आयुक्त से 27 जून से पहले इस मामले पर रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है।
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आयोग के चेयरपर्सन जस्टिस संतो प्रकाश ने आदेश जारी करते हुए कहा कि नगर निगम और हाउसिंग बोर्ड सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं के रखरखाव की जिम्मेदारी एक-दूसरे पर डाल रहे हैं, जिससे मलोया के 4 हजार 960 स्मॉल फ्लैट्स में रहने वाले लोगों को गंदा पानी पीने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। यहां काफी समय से गंदे पानी की सप्लाई हो रही है। पिछले दिनों नगर निगम के अधिकारियों ने यहां का दौरा किया था। चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड का कहना है कि अब यह सोसायटी साल 2022 में नगर निगम को हैंडओवर हो गया है।