चंडीगढ़। पानी बर्बाद करने वालों के खिलाफ नगर निगम ने सोमवार से कार्रवाई शुरू कर दी। पहले दिन शहरभर में पानी की बर्बादी व लीकेज पर 57 लोगों को नोटिस दिया गया। साथ ही पीने के पानी से कार-बाइक धोने व गार्डन में पानी देने पर मौके पर ही 12 लोगों के चालान काटे गए।
पानी की बर्बादी पर चालान काटने के लिए नगर निगम ने एसडीई की 18 टीमें बनाई हैं, जो शहर के सभी सेक्टरों, गांवों और कालोनियों में सुबह 5.30 से 8.30 बजे के बीच चालान काटेंगी। चालान की राशि 5512 रुपये संबंधित मकान मालिक के पानी के बिल में जोड़कर भेजा जाएगा। यह अभियान 30 जून तक चलेगा। नगर निगम ने जलापूर्ति समय के दौरान लॉन में पानी देने, कोर्टयार्ड और गाड़ियों की धुलाई करने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया है। इन कामों के लिए पानी की खपत को पानी की बर्बादी एवं दुरुपयोग माना जाएगा और इसके लिए जलापूर्ति बायलॉज के प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। इसमें मौके पर ही 5512 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
निगम की तरफ से कहा गया है कि अगर एक बार चालान काटने के बाद भी व्यक्ति पानी को बर्बाद करता हुआ दिखेगा तो बिना अग्रिम सूचना दिए उसका पानी का कनेक्शन काट दिया जाएगा। यह भी कहा गया है कि अगर जांच के दौरान पाया कि किसी द्वारा बूस्टर पंप, होज पाइप आदि का इस्तेमाल करते हुए पाया गया तो वह तुरंत जब्त कर लिया जाएगा। पानी की टंकी से ओवरफ्लो, वाटर मीटर चेंबर से लीकेज, कूलर से लीकेज या ओवरफ्लो, टैब न लगाने की वजह से होने वाली पानी की बर्बादी पर नोटिस दिया जाएगा।