सेक्टर-17 के एससीओ 18 से जुड़े प्रॉपर्टी विवाद के मामले में किराएदार की ओर से दाखिल याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने सांसद किरण खेर और उनकी बहन कंवल ठाकर सिंह को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने निचली कोर्ट को आदेश दिया है कि किराएदारों को निकालने के लिए दाखिल याचिका पर हाईकोर्ट के अगले आदेश तक अंतिम फैसला न दे।
किराएदार ट्रेंड सेंटर ने एडवोकेट दिवांशु जैन के माध्यम से याचिका दाखिल करते हुए कहा कि उनका विवाद पट्टा जारी रखने से जुड़ा हुआ है। उनको एससीओ से निकालने के लिए 2013 में याचिका दाखिल की गई थी। याचिका में कहा गया कि किरण खेर की भाभी गुरिंदेश संधू की दो बेटियां हैं, जो इस प्रॉपर्टी की 33 प्रतिशत की हिस्सेदार हैं।
किराएदार से जुड़ा है मामला
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
याचिकाकर्ता को इस प्रॉपर्टी से बाहर निकालने के लिए दाखिल की गई याचिका में उन्हें प्रतिवादी नहीं बनाया गया, जबकि वे रेंट के 33 प्रतिशत की हकदार हैं और यह उनकी आमदनी का जरिया है। याची ने कहा कि निचली अदालत ने गुरिंदेश संधू को पार्टी बनाने की अपील को खारिज कर दिया था। हालांकि, निष्कासन विवाद पर निचली अदालत में चल रही कार्रवाई के दौरान किरण खेर के पिता रिटायर्ड ले. कर्नल ठाकर सिंह की मौत के चलते उनका नाम हटाने की मंजूरी दे दी।
किराएदार ने अदालत के आदेश पर आपत्ति जताई है कि ठाकर सिंह के कानूनी उत्तराधिकारियों के बारे में निर्णय लिए बिना उनका नाम हटाया नहीं जा सकता है। कोर्ट को बताया गया कि विवाद 1984 का है, जब संपत्ति के प्रारंभिक पट्टे में, यह ठाकर सिंह, उनकी पत्नी और उनके पुत्र अमरदीप सिंह जो संपत्ति के मूल मालिक थे, उनके साथ याची की प्रॉपर्टी को लेकर लीज तय हुई थी।
इसके बाद दो बार निजी आवश्यकता का हवाला देते हुए प्रॉपर्टी को खाली करने की बात कही गई, जबकि एक बार किराया बढ़ाने पर समझौता हो गया, जिसके चलते वह याचिका वापस ले ली गई थी। इसके बाद फिर से 2013 में याचिका दाखिल कर दी गई थी।