चंडीगढ़। पूरे भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे इन 75 कलाकारों को एक मंच पर लाकर आजादी मनाने से खूबसूरत और कुछ नहीं है। यह बात चंडीगढ़ के प्रशासक बनवारीलाल पुरोहित ने कही। वह सेक्टर-10 के गवर्नमेंट म्यूजियम एंड आर्ट गैलरी में आयोजित पांच दिवसीय प्रिंट मेकिंग कार्यशाला के समापन समारोह में बोल रहे थे।उन्होंने कहा, आशा है चंडीगढ़ में आपका आतिथ्य अच्छे से हुआ हो। अगर आतिथ्य में कोई कमी रही हो तो इग्नाेर करना। मजाकिया अंदाज में उन्होंने कहा एक-दो दिन अतिथि सत्कार करना आसान है, लेकिन ज्यादा दिनों में थोड़ी भूल चूक हो सकती है। कार्यशाला का सफलतापूर्वक आयोजन करने के लिए पुरोहित ने चंडीगढ़ और दिल्ली ललित कला अकादमी व गवर्नमेंट आर्ट कॉलेज की सराहना की। कार्यक्रम में चंडीगढ़ प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
कोई कलाकार नागपुर से आया कि नहीं...
पुरोहित ने कलाकारों से अपने दिल की बात कही। उन्होंने बताया जब उन्हें पता चला कि देशभर से प्रिंट मेकर कार्यशाला में आए हैं तो पहले उन्होंने पंजाब और चंडीगढ़ के कलाकारों के बारे में जाना। महाराष्ट्र के गृह राज्य होने से उत्सुकता हुई कि क्या वहां से भी कोई आया है कि नहीं। जब सुना औरंगाबाद से कलाकार आए हैं तो खुशी हुई। इतने में दर्शकों में से दो कलाकारों ने बताया कि वह नागपुर से आए हैं। पुरोहित नागपुर शहर से ही संबंध रखते हैं। यह सुनने पर उन्होंने अपनी खुशी जाहिर की और दोनों को कहा कि आपको चंडीगढ़ में कला के क्षेत्र में हो रहे सराहनीय काम की शुरुआत नागपुर में भी करनी है। इसके बारे में सभी को बताना है। समारोह के अंत में पुरोहित ने म्यूजियम में जंडयाला गुरु के ठठेरे शीर्षक से आयोजित प्रदर्शनी को देखा, जिसमें हाथ से बनाए तांबे, कांसे और पीतल के बर्तनों को प्रदर्शित किया गया।