आज और कल घर में दो शादियां, बैंक नहीं दे रहा पैसे
- फोटो : अमर उजाला
केंद्र सरकार की ओर से नोटबंदी के फैसले के बाद केंद्र सरकार ने शादी वाले घरों को 2.50 लाख रुपये तक बैंक से निकालने की छूट दी थी। इसके लिए बाकायदा शादी का कार्ड और संबंधित दस्तावेज पूरे करने के बाद बैंकों को निर्देश दिए थे कि वह शादी वाले घरों को 2.50 लाख रुपये दें। वहीं केंद्र सरकार के इन आदेशों का बैंक सरेआम उल्लंघन कर रहे हैं।
शादी वाले परिवारों को बैंक से पैसा नहीं मिल रहा है। परस राम नगर गली नंबर 5 में स्थित महादेव 11 रुद्र शिव मंदिर के निवासी राज कुमार महंत अपनी बेटी कोफी और बेटे करिशना की शादी के लिए बैंक में जमा किए रुपयों को लेने के लिए बैंक बाजार के ओबीसी बैंक में कई चक्कर लगा चुके हैं। वहीं बैंक मैनेजर सुदर्शन गुप्ता उन्हें हर बार कैश खत्म होने की बात कहकर वापस लौटा देते हैं। राज कुमार महंत के घर में एक नहीं बल्कि दो शादियां हैं। उनकी बेटी की शादी की 23 नवंबर को है, तो बेटे की शादी 24 नवंबर को है। मगर उनको बैंक ने मात्र 24 हजार रुपये देकर यह कहकर लौटा दिया कि बैंक में कैश खत्म है।
राज कुमार ने बताया कि बेटे बेटी की शादी के लिए उन्होंने बैंक बाजार स्थित ओरिएंटल बैंक आफ कामर्स (ओबीसी) में खाता खुलाकर रुपये जोड़ने शुरू किए थे। शादी के लिए सभी तैयारियां हो चुकी हैं और मेहमान घर में पहुंच चुके हैं। वह केंद्र सरकार की सभी शर्तों को पूरा कर संबंधित दस्तावेज बैंक बाजार में स्थित ओबीसी में जमा करवा चुके हैं।
ओबीसी में खाता, 24 हजार देकर लौटा दिया
आज और कल घर में दो शादियां, बैंक नहीं दे रहा पैसे
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बैंक मैनेजर सुदर्शन गुप्ता ने सिर्फ 24 हजार रुपये देकर यह कहकर लौटा दिया कि बैंक में कैश खत्म है। वहीं उनके खाते में करीब एक लाख रुपये जमा है। ऐसे में उनके पास कोई चारा नहीं है। राज कुमार महंत ने बताया कि उन्हें मालूम नहीं था कि बैंक वाले उनके साथ ऐसा करेंगे।
राज कुमार महंत ने बताया कि ओबीसी सरेआम केंद्र सरकार और आरबीआई के आदेशों का उल्लंघन कर रहा है, जिसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है। राज कुमार महंत ने इसके अलावा वह एचडीएफसी बैंक भी गए, लेकिन वहां प्रबंधकों ने कहा कि उन्हें आरबीआई की ओर से ऐसा कोई पत्र नहीं आया कि वह शादी के लिए ढाई लाख रुपये दें। ओबीसी की शिकायत आरबीआई समेत पीएमओ आफिस को ईमेल के जरिये भेजकर कार्रवाई की मांग की है। उधर, ओबीसी के मैनेजर का पक्ष जानने के लिए उनसे संपर्क करना चाहा, लेकिन हो नहीं सका।