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नोटबंदी का असर : पुराने नोटों से ढाई करोड़ के बिल हुए जमा

Fri, 25 Nov 2016 01:15 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पंचकूला
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नोटबंदी के बाद बैन किए गए पुराने नोटों से बिजली के बिल जमाने कराने के आखिरी दिन वीरवार को यूएचबीवीएन में उपभोक्ताओं ने करीब ढाई करोड़ के बिजली जमा हुए। सुबह से ही पावर कालोनी में बिल जमा कराने के लिए काउंटरों के बाहर भीड़ लगी रही और यह सिलसिला रात तक जारी रहा। 
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नोटबंदी के बाद बिजली निगमों में रात 12 बजे तक बिलों की अदायगी 500 और 1000 के पुराने नोटों से की गई। सुबह करीब 9.30 बजे पावर कॉलोनी में उपभोक्ताओं की भीड़ लग गई और भुगतान के लिए अलग अलग तीन काउंटर भी बनाए गए। इनमें से 37 पुराने बकायेदार थे, जिनके यहां लोड दो किलोवाट तक का है। 

जबकि मासिक बिल का भुगतान करने वालों की संख्या भी सैकड़ों में थी। बिल जमा कराने के लिए पहुंचने वालों में अधिकतर के हाथों में वह नोट थे, जो रात के बाद बिलों के भुगतान के लिए इस्तेमाल में नहीं लाए जा सकेंगे। इनमें 1000 और 500 के नोट लेकर बिल जमा कराने वालों के साथ साथ कुछ उपभोक्ताओं ने नए नोट से भी बिलों का भुगतान किया।  
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नोटों की पहचान में भी पेश आई दिक्कतें 

योजना का भी फायदा उठाया उपभोक्ताओं ने 20 नवंबर से प्रदेश सरकार ने बिजली बिलों पर सरचार्ज की माफी योजना की शुरुआत की है। जिसके तहत बकाया बिलों की एकमुश्त अदायगी पर पांच फीसदी छूट का प्रावधान है। वीरवार को बिल जमा कराने के लिए लाइनों में वह लोग खड़े दिखे, जिन्हें बैंकों में नोट बदलने का मौका नहीं मिल सका। इनमें 3000 से 30 हजार या इससे अधिक के बिलों की भी अदायगी की गई।  

नोटों की पहचान में भी पेश आई दिक्कतें 
इस दौरान बिजली विभाग में पुराने 500 और 1000 के नोट के साथ उपभोक्ताओं के पास कुछ ऐसे भी नोट थे, जिन्हें बैंकों ने खारिज कर दिया। लेकिन बिजली विभाग के कर्मियों और अधिकारियों को नोटों की पहचान करने में भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। देर रात तक नोटों का मिलान का सिलसिला जारी रहा। 

वीरवार को शाम तक करीब ढाई करोड़ रुपये के बिल अदा किए गए। इनमें से पुराने बकायेदारों सहित इस माह के भी बकायेदार शामिल हैं। 500 और 1000 के नोट भी रात 12 बजे तक लिए जाएंगे। इन नोटों की सुबह तक पूरी हो पाएगी। -संजीव सिवाच, एक्सईएन, यूएचबीवीएन

 
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