नोटबंदी के बाद बैन किए गए पुराने नोटों से बिजली के बिल जमाने कराने के आखिरी दिन वीरवार को यूएचबीवीएन में उपभोक्ताओं ने करीब ढाई करोड़ के बिजली जमा हुए। सुबह से ही पावर कालोनी में बिल जमा कराने के लिए काउंटरों के बाहर भीड़ लगी रही और यह सिलसिला रात तक जारी रहा।
नोटबंदी के बाद बिजली निगमों में रात 12 बजे तक बिलों की अदायगी 500 और 1000 के पुराने नोटों से की गई। सुबह करीब 9.30 बजे पावर कॉलोनी में उपभोक्ताओं की भीड़ लग गई और भुगतान के लिए अलग अलग तीन काउंटर भी बनाए गए। इनमें से 37 पुराने बकायेदार थे, जिनके यहां लोड दो किलोवाट तक का है।
जबकि मासिक बिल का भुगतान करने वालों की संख्या भी सैकड़ों में थी। बिल जमा कराने के लिए पहुंचने वालों में अधिकतर के हाथों में वह नोट थे, जो रात के बाद बिलों के भुगतान के लिए इस्तेमाल में नहीं लाए जा सकेंगे। इनमें 1000 और 500 के नोट लेकर बिल जमा कराने वालों के साथ साथ कुछ उपभोक्ताओं ने नए नोट से भी बिलों का भुगतान किया।