नगर निगम ने मनोनीत पार्षदों का वोटिंग राइट छीनने के बाद प्रशासन से पूछा है कि इन पार्षदों को गठित होने वाली 15 सब कमेटियां में शामिल किया जाए या नहीं। मेयर देवेश मोदगिल ने बुधवार को स्थानीय निकाय सचिव एवं गृह सचिव अनुराग अग्रवाल को इस संबंध में पत्र लिखा है।
ऐसे में मेयर ने मनोनीत पार्षदों को अलग-अलग कमेटियों में सदस्य या चेयरमैन बनाए जाने की गेंद एक तरह से प्रशासन के खेमे में फेंक दी है, ताकि अगर प्रशासन मनोनीत पार्षदों को कमेटियों में सदस्य न बनाने का फैसला देता है तो उस समय मेयर देेवश मोदगिल को मनोनीत की नाराजगी का सामना न करना पड़े।
इस समय नगर निगम में नौ मनोनीत पार्षद हैं। इनसे मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर चुनाव में मतदान करने का अधिकार पिछले साल पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। इसके बाद इनमें से किसी को भी इस साल पहली बार वित्त एवं अनुबंध कमेटी का सदस्य भी नहीं बनाया गया है। अनुबंध कमेटी का सदस्य किसी मनोनीत पार्षद को न बनाए जाने का आधार यही बताया गया था कि उनके पास वोटिंग अधिकार नहीं है।
30 जनवरी को हुई सदन की बैठक में सब कमेटियों का गठन करने का अधिकार मेयर को दे दिया गया है। ऐसे में मेयर मोदगिल का कहना है कि स्थानीय निकाय सचिव के अलावा इस संबंध में कानूनी राय भी ली जाएगी। जैसा भी फैसला आएगा उस हिसाब से कमेटियों का गठन कर दिया जाएगा।