अब शहर की हर कामर्शियल और निजी हाउसिंग सोसाइटी की ऊंची इमारतों को हर तीन साल बाद दमकल विभाग से एनओसी लेनी होगी। इसके लिए 10 रुपये प्रति स्कावयर फुट के हिसाब से चार्ज किया जाएगा। नगर निगम के अनुसार कम से कम 5 हजार रुपये एनओसी शुल्क रखा गया है। हर तीन साल बाद शुल्क अदा करना जरूरी होगा। इससे नगर निगम को लाखों रुपये की कमाई भी होगी। मालूम हो इससे पहले नगर निगम के दमकल विभाग की ओर से एनओसी निशुल्क जारी की जाती थी।
इनमें शहर के सभी निजी स्कूल भी शामिल होंगे, जिनसे एनओसी जारी करने के बाद लाखों रुपये का शुल्क चार्ज किया जाएगा। नगर निगम पहले से ही इमारतों के लिए एनओसी लेना जरूरी कर चुका है। वीरवार को होने वाली सदन की बैठक में एनओसी के बदले लिए जाने वाले रेट का प्रस्ताव पास होने के लिए आ रहा है। पास होने के बाद जून माह से एनओसी लेना जरूरी कर दिया जाएगा। इसका सबसे ज्यादा बोझ व्यापारियों पर पड़ेगा जबकि दक्षिणी सेक्टरों में निजी सोसाइटियों और हाउसिंग बोर्ड की फ्लैट सोसाइटी धारकों पर पड़ेगा।
नगर निगम के अनुसार जो भी शहर की 15 मीटर से ऊपर इमारतें होगी उन्हें भी हर तीन साल बाद शुल्क अदा करने के बाद एनओसी लेना जरूरी होगा। ऐसे में यहां पर रहने वाले लोगों पर इसका अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। इस समय मोहाली में 5 हजार रुपये का एनओसी शुल्क चार्ज किया जाता है।
व्यापार मंडल के महासचिव नरेश महाजन का कहना है कि पहले से ही व्यापारियों पर प्रापर्टी टैक्स लगा है। जबकि उसके बदले में व्यापारियों को कोई अतिरिक्त सुविधा नहीं दी जा रही है। ऐसे में अब एनओसी लेने के लिए शुल्क अदा करने का निर्णय व्यापारियों के हित में नहीं है।