चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी की एलुमनी एसोसिएशन ने विश्व पुस्तक दिवस के उपलक्ष्य में शनिवार को दो एलुमनी आलोक जोशी और डॉ. जदाब शर्मा की किताब का ऑनलाइन विमोचन किया। एलुमनी एसोसिएशन की डीन प्रो. अनुपमा शर्मा ने बताया कि महामारी के दौरान जब पूरा विश्व अपने घरों में कैद है तब किताबें बेहतरीन साथी साबित हुई है। हमें बेहतरीन लेखकों और लोगों को जानने का मौका मिला है। इसके साथ ही इस समय में लोगों की कलात्मकता भी निखर कर आई है, बहुत से लोगों ने पढ़ने के साथ लिखना शुरू किया है।
एलुमनी आलोक जोशी ने किताब 12 स्वीट एंड सोर इयर्स इन चाइना और डॉ. जदाब शर्मा ने डेस्टिनी ऑफ ए एलियन लाइफ किताब लिखी है। ऑनलाइन कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि डीन यूनिवर्सिटी इंस्ट्रक्शन प्रो. वीआर सिन्हा रहे। उन्होंने दोनों लेखकों की किताबों का विमोचन किया। प्रो. सिन्हा ने सांस्कृतिक विकास में योगदान देने वाले सभी लेखकों का आभार व्यक्त किया और आलोक व डॉ. जदाब को उनकी किताबों के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि महामारी के कठिन समय में किताबों ने इंसान के जीवन के अकेलेपन और बोरियत को दूर कर ज्ञान क्षितिज को बढ़ाया है। उन्होंने पीयू एलुमनी एसोसिएशन की लेखकों, कलाकारों, रचनात्मक व्यक्तियों को मंच प्रदान करने के लिए सराहना की।
क्या है आलोक जोशी की किताब में
अंग्रेजी विभाग के पूर्व विद्यार्थी आलोक जोशी ने किताब 12 स्वीट एंड सोर इयर्स इन चाइना में अपने चीन में बिताए जीवन के अनुभव को साझा किया है। किताब में बताए अनुभवों का सफर बीजिंग ओलंपिक के पास शुरू होता है और महामारी से ठीक पहले तक कि घटनाओं पर समाप्त होता है। पुस्तक में भारतीयों के बारे में चीनी लोगों की मानसिकता के बारे में भी बात की गई है। पीयू सेंटर ऑफ नैनो साइंस के पूर्व विद्यार्थी डॉ जदाब शर्मा ने बताया पुस्तक डेस्टिनी ऑफ ए एलियन लाइफ विज्ञान और आध्यात्मिकता का मिश्रण है। इसमें कहानी है कि कैसे अलग लोगों का एक समूह विचित्र जगह पर मिलता है और फिर वहां से सुरक्षित निकलने का प्रयास करता हैं।