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हरियाणा की कार-जीपों पर नहीं लगेगा टोल टैक्स

Wed, 14 May 2014 01:49 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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हरियाणा में पंजीकृत कारों, जीपों (प्राइवेट वाहनों) पर टोल टैक्स नहीं लगेगा। टोल प्लाजा के आसपास के 20 किलोमीटर दायरे में रहने वाले लोगों के कामर्शियल वाहनों पर भी टोल टैक्स काफी कम लगेगा।
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बदले में पेट्रोल का वैट एक रुपये प्रति लीटर नहीं बढ़ाया जाएगा। हरियाणा की टोल नीति को मंत्रिमंडल की बुधवार को होने वाली बैठक में मंजूरी दी जाएगी। अमर उजाला ने सबसे पहले प्रकाशित किया था कि हरियाणा में पंजीकृत वाहनों पर टोल टैक्स से छूट मिल सकती है।

हरियाणा में नेशनल हाईवे पर दस स्थानों पर टोल प्लाजा हैं। इन प्लाजों से गुजरने वाले हरियाणा के पंजीकृत प्राइवेट वाहनों पर टोल टैक्स से छूट देने के लिए टोल नीति तैयार की गई है।
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हरियाणा का परिवहन विभाग इन प्राइवेट पंजीकृत वाहनों को परमिट जारी करेगा।

टोल प्लाजा से गुजरने वाला वाहन चालक यह परमिट दिखाएगा और उसे टोल फीस से छूट मिल जाएगी। इसके लिए जहां पर टोल प्लाजा लगे हैं, उसके 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले लोगों के कामर्शियल वाहनों (ट्रक आदि) को टोल टैक्स में भारी छूट दी जाएगी। उन्हें हर महीने सिर्फ 5000 रुपये देने होंगे।

फिलहाल इन कामर्शियल वाहनों को भारी टोल टैक्स देना पड़ता है। इस टोल नीति को मंत्रिमंडल में मंजूरी मिलेगी। गौरतलब है कि पानीपत से रोहतक तक फोर लेन बनने के बाद दो स्थानों पर टोल प्लाजा स्थापित हुए हैं।

इन पर भारी टोल टैक्स वसूला जा रहा है। लोगों ने इसके खिलाफ आंदोलन चलाया था। अब उनकी बदौलत अन्य को भी टोल टैक्स में भारी राहत मिलने जा रही है।

जब लोक निर्माण विभाग ने टोल दरें कम करने का प्रस्ताव मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के सामने रखा था, तब उन्होंने प्रस्तावित दिया था कि टोल टैक्स कम करने के बदले पेट्रोल पर एक रुपये प्रति लीटर वैट बढ़ा दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने हां कर दी। जब यह फाइल आबकारी एवं कराधान विभाग के पास पहुंची तो विभाग ने पेट्रोल पर वैट न बढ़ाने का प्रस्ताव दे दिया। फिलहाल यह प्रस्ताव लंबित हो गया है। बुधवार को मंत्रिमंडल की बैठक में पेट्रोल महंगा करने का प्रस्ताव नहीं है।

हरियाणा की पहली बार बनेगी कृषि नीति
हरियाणा बनने के 48 साल बाद पहली बार कृषि नीति बनने जा रही है। मंत्रिमंडल की बैठक में इस नीति को मंजूरी दी जाएगी। कुल 37 पेज की इस नीति में बागवानी को बढ़ावा देने, पानी का प्रयोग करने जैसे तरीके बताए गए हैं। किसानों को फसल का तय दाम देने के नीति तय नहीं की गई है।

पशुपालन को बढ़ावा देने की भी प्रस्ताव है। कृषि के बारे में अब तक तो निर्देश जारी हैं, उन्हें इस नीति में शामिल किया गया है। मंत्रिमंडल की बैठक में एक टन तक के वजन वाले माल वाहनों और थ्री व्हीलरों पर एकमुश्त टैक्स लगाने की भी मंजूरी मिलेगी। फरीदाबाद के वाईएमसीए से बल्लभगढ़ तक मेट्रो रेल एक्सटेंशन करने को भी मंजूरी मिलेगी।
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