आर्मी व एयरफोर्स के अधिकारियों व कर्मचारियों को बहुत बड़ी राहत मिल गई है। हाइवे पर यात्रा के दौरान उन्हें अब टोल टैक्स नहीं देना पड़ेगा।
आर्म्ड फोर्स ट्रिब्यूनल ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय के उस पत्र पर स्टे लगा दिया है, जो 17 जून 2014 को जारी किया गया था।
पिछले साल जारी पत्र के मुताबिक टोल टैक्स से सिर्फ उन फौजियों को राहत मिल सकती है, जो ऑन ड्यूटी रहेंगे। इस पत्र के जारी होते ही फौजियों से टोल टैक्स वसूलना शुरू हो गया था।
इसका चौतरफा विरोध भी शुरू हो गया था। ट्रिब्यूनल ने स्टे देते हुए कहा कि टोल टैक्स के लिए जो नियम पहले लागू था, उसी के मुताबिक राशि वसूली जाएगी।
अब से पहले यह था नियम
पहले के नियम के मुताबिक आर्मी व एयरफोर्स के आफिसर ड्यूटी पर हो या नहीं, उनसे सड़क यात्रा के दौरान कोई भी टोल टैक्स नहीं लिया जाएगा।
इस नियम में यह भी प्रावधान था कि टेरीटोरियल आर्मी व एनसीसी के अधिकारी जब ड्यूटी पर नहीं रहेंगे और वे टोल टैक्स से गुजरते हैं तो उन्हें राशि देनी पड़ेगी। इस बारे में डिफेंस सर्विस के हेडक्वार्टर ने भी सवाल उठाया था।
उनका कहना था कि आरटीआई की ओर से जारी किया लेटर कानून के खिलाफ है। सवाल उठाने के बाद मंत्रालय की ओर से कहा गया था कि वे जारी किए गए लेटर पर फिर से विचार कर रहे हैं।
जल्द से जल्द निकालें रास्ता
याचिकाकर्ता मेजर पी होटा ने आर्म्ड फोर्स ट्रिब्यूनल से आग्रह किया है कि वे सड़क परिवहन मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय और आर्मी हेड क्वार्टर को निर्देश दें कि तीनों आपस में को-आर्डिनेट कर जल्द से इस मामले को सुलझाए, ताकि फौजियों को किसी तरह की दिक्कत न आए।
बताया गया है कि फौजियों को टोल टैक्स में राहत देने के खिलाफ कंपनियों ने पहले भी याचिका डाली थी। पहले हाईकोर्ट और उसके बाद सुप्रीमकोर्ट ने याचिका खारिज कर फौजियों को राहत दे दी थी।