हरियाणा में गठन के वर्षों बाद भी लोकायुक्त को जरूरी शक्तियां नहीं मिल पाई हैं। सालाना रिपोर्ट में ऐसा होने के परिणाम साफ दिखाई पड़े। भ्रष्टाचार पर प्रहार के लिए लोकायुक्त तो बिठा दिए गए, लेकिन सीधे कार्रवाई करने का अधिकार आज तक नहीं मिल पाया। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश व हरियाणा के लोकायुक्त नवल किशोर अग्रवाल ने सोमवार को राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य को वर्ष 2018-2019 की वार्षिक रिपोर्ट सौंपी।
इसमें सालाना लेखा-जोखा के साथ एक बार फिर लोकायुक्त को पर्याप्त शक्तियां दिए जाने का उल्लेख किया गया है। अपनी पिछली रिपोर्ट में भी लोकायुक्त ने सरकार से कार्रवाई केलिए उचित अधिकार मांगे थे, लेकिन सरकार ने कोई कदम नहीं उठाया। अग्रवाल की सौंपी रिपोर्ट में एक अप्रैल 2018 से 31 मार्च 2019 तक का वार्षिक ब्यौरा दिया गया है। लोकायुक्त ने राज्यपाल को भ्रष्टाचार के खात्मे के लिए वर्ष भर में उठाए गए कदमों की भी विस्तार से जानकारी दी।