मोहाली। अब पढ़ाई पहले से दस फीसदी तक महंगी हो गई हैं। इतना ही नहीं, छठी, नौवीं और दसवीं की एनसीईआरटी की किताबें अब तक उपलब्ध नहीं हैं। जिसकी वजह से सभी परेशान हो रहे हैं। मोहाली में स्कूल खुलने के कारण अब पैरेंट्स की दौड़ किताबों की दुकानों की ओर हो चुकी है। मोहाली के दुकानदारों का कहना है कि रिवाइज होने के कारण अब तक बाजार में किताबें नहीं आ सकी हैं। लेकिन यह जल्द ही उपलब्ध हो जाएंगी। मोहाली में किताबों की करीब 12 बड़ी दुकानें हैं। जिनमें रविवार को भीड़ लगी रही। पैरेंट्स का कहना था कि व्यस्तता की वजह से वह पहले यहां नहीं आ पाए। इसके साथ ही कुछ स्कूलों में शनिवार को ही पहली पैरेंट्स टीचर्स मीटिंग की गई है। जिसके कारण बच्चों की किताबों की लिस्ट और ड्रेस की जानकारी दी गई। रविवार को छुट्टी होने के कारण ज्यादातर पैरेेंट्स ने किताबें खरीद लीं।
किताबों के दुकानदार अनिल अरोड़ा ने बताया कि अबकी बार किताबों की कीमतों में करीब दस फीसदी तक की बढ़ौतरी हुई है। यह कागजों की कीमत के अनुसार रेट में बदलाव आया है। एक अन्य दुकानदार हरजिंदर सिंह ने बताया कि मोहाली में करीब 45 प्राइवेट स्कूल हैं। इन सभी स्कूलो की किताबें अलग अलग दुकानों पर उपलब्ध होती हैं। एक दुकानदार चार से पांच स्कूलों की किताबों और ड्रेस को रखता है।
अलग स्कूलों की किताबों के अलग अलग रेट्स
एक ही क्लास के लिए अलग अलग स्कूलों के लिए अलग अलग रेट्स हैं। मसलन कक्षा एक के लिए किसी एक स्कूल द्वारा लिखवाई गई किताबों के दाम 1600 रुपये हैं तो उसी क्लास के लिए दूसरे स्कूल द्वारा लिखवाई गई किताबों के दाम 3000 रुपये तक भी हैं।
कक्षा एक 1600 3000
कक्षा दो 1900 3200
कक्षा तीन 2100 3400
कक्षा सात 3000 3500