साढे़ पांच साल गुजरने के बावजूद अब तक हरियाणा में तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों की भर्ती प्रक्रिया लटकी हुई है। पिछली सरकार के कार्यकाल में रिक्त स्वीकृत पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू हुई थी। अब मौजूदा सरकार का कार्यकाल भी खत्म होने वाला है। मगर उसके बावजूद हरियाणा को रिक्त पदों पर न तो पक्के तहसीलदार मिले हैं और न पक्के नायब तहसीलदार। इसी के चलते हरियाणा राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने फिर से अनुबंध आधार पर इन्हें भर्ती करने का निर्णय लिया है। विभाग जिलों में रिटायर्ड हो चुके राजस्व अफसरों को ही इन पदों पर फिर से नियुक्त करेगा।
आयोग पहले कुछ अन्य महत्वपूर्ण नियुक्तियों की प्रक्रिया जल्द पूरी करवाने में जुटा हुआ था। कुछ मामले कोर्ट में पेंडिंग थे, उन्हें भी निपटाया गया। अब हमारा फोकस इसी भर्ती पर है। एचसीएस जुडिशियल की परीक्षा के बाद इस भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।
- मनबीर सिंह, चेयरमैन, हरियाणा लोक सेवा आयोग
पक्की भर्तियां तो अभी हुई नहीं, लेकिन विभाग का जो काम प्रभावित हो रहा है, उसे भी देखना है। इसलिए हमारे पास अभी यही विकल्प है कि इन पदों पर दोबारा अनुबंध के आधार पर रिटायर्ड नायब तहसीलदारों, तहसीलदारों और राजस्व अधिकारियों को अनुबंध पर रखा जाए। आवेदन विभाग ने मांग लिए हैं। आवेदनकर्ताओं के साक्षात्कार के बाद उन्हे इन पदों पर रखा जाएगा।
- केशनी आनंद अरोड़ा, अतिरिक्त मुख्य सचिव, आपदा एवं प्रबंधन विभाग
जिलों के डीसी परेशान, प्रभावित हो रहा कामकाज
हरियाणा के विभिन्न जिलों की तहसीलों में 26 तहसीलदारों और 105 नायब तहसीलदारों के पद खाली पड़े हैं। धीरे-धीरे और तससीलदार, नायब तहसीलदार और राजस्व अधिकारी भी रिटायर्ड होते जा रहे हैं। इस वजह से जिलों के डीसी भी बेहद परेशान है, क्योंकि इतने महत्वपूर्ण पद रिक्त होने की वजह से जिलों के महत्वपूर्ण काम बहुत ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।
जिलों के डीसी बार-बार हरियाणा राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग से इन पदों को तुरंत भरने की मांग कर रहे हैं। दरअसल, नायब तहसीलदारों की यह भर्ती प्रक्रिया पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा सरकार के कार्यकाल में शुरू हुई थी। 25 सितंबर 2013 को नायब तहसीलदारों के 37 पदों के लिए विज्ञापन जारी किया गया था। उसके बाद वर्ष 2014 चुनावों में बीत गया और मनोहर सरकार सत्ता में आ गई।
मनोहर सरकार ने 23 जुलाई 2015 को फिर से नायब तहसीलदारों के रिक्त पदों के लिए विज्ञापन जारी कर प्रक्रिया शुरू की। इस बार 37 के बजाए 70 पदों के लिए विज्ञापन जारी किया गया। इसमें उन आवेदकों को दोबारा अप्लाई न करने की छूट दे दी गई, जिन्होंने वर्ष 2013 में इसी प्रक्रिया तहत पहले आवेदन किया हुआ था।
इस प्रक्रिया में भी तीन साल गुजर गए और 1 मई 2018 को हरियाणा लोक सेवा आयोग ने एक शुद्धिपत्र जारी करते हुए पदों केलिए फिर से आवेदन करने को कहा। लेकिन उसके बाद भी ये प्रक्रिया रफ्तार नहीं पकड़ रही है।