जिला अदालत ने आईएएस अधिकारी अशोक खेमका के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज करवाने की याचिका खारिज कर दी है।
अदालत ने यह याचिका शिकायतकर्ता के बार-बार अनुपस्थित रहने के कारण खारिज की है। हरियाणा वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के एक कर्मचारी विजय दहिया ने अदालत में खेमका के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज करवाने के लिए याचिका दायर की थी।
सूत्रों के मुताबिक, आठ महीने की जांच के दौरान पुलिस को ऐसा सबूत नहीं मिला, जिससे आरोप सिद्ध हो जाएं। पुलिस ने 12 गवाहों से भी पूछताछ की थी, लेकिन ऐसा कुछ पाया नहीं गया।
दहिया ने अपने आरोपों में कहा था कि खेमका ने उसके लिए अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया और झूठे आरोपों के तहत उसकी एसीआर भी खराब कर दी थी।
उन्होंने अदालत को बताया था कि उसने इन बातों पर आपत्ति जताई थी। फरवरी 2014 में भी अदालत ने हाउसिंग बोर्ड के एक पूर्व कर्मचारी की ओर से खेमका पर आत्महत्या के लिए उकसाने की शिकायत की गई थी, लेकिन अदालत ने उसे भी खारिज कर दिया था।