चंडीगढ़। जिला अदालत ने चार साल पहले एक बार के बाहर हुई झड़प के दौरान सेक्टर-23 के एक व्यक्ति को चोट पहुंचाने के आरोप में दर्ज मामले में दो आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया। बरी होने वाले व्यक्तियों की पहचान चंडीगढ़ के धनास में रहने वाले गुरजीत सिंह और हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के रहने वाले तिरलोक नाथ के रूप में हुई है। मामला साल 2019 में दर्ज हुआ था। सेक्टर-7सी स्थित एक बार के बाहर हुई झड़प के बाद दोनों के खिलाफ आईपीसी की धारा 323, 325 और 34 के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार किया था। मामले में सुनवाई के बाद अदालत ने सामने आए तथ्यों को जांचने और दलीलों को सुनने के बाद आरोपियों को बरी कर दिया। अदालत ने कहा कि केस के शिकायतकर्ता ने मामले में विटनेस बॉक्स (गवाह बॉक्स) में कदम तक नहीं रखा है। इसका पता उसे भेजे गए सम्मन को लेकर आई रिपोर्ट से पता चलता था। सम्मन इस रिपोर्ट के साथ वापस कर दिए गए थे कि उसने पता बदल लिया है। अभियोजन पक्ष प्रत्यक्षदर्शी से भी पूछताछ करने में विफल रहा।