आमिर खान की पीके फिल्म को लेकर चल रहे विरोध के बाद सिनेमाघर संचालकों ने कुछ सीन हटाने का फैसला लिया है। सीन हटाने की सहमति मिलने के बाद धार्मिंक संगठनों ने फिल्म को चलाने की अनुमति दे दी है।
चार दिन पहले बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद सहित अन्य संगठनों ने पीके फिल्म को लेकर विरोध जताया था। प्रदर्शन करते हुए फिल्म के पोस्टर फाड़कर शो भी बंद करा दिया था, जिसके बाद मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था।
सिनेमाघर संचालकों ने इस मामले में अदालत का द्वार खटखटाया था। जिस पर अदालत ने प्रदर्शनकारियों को 100 मीटर दूर रहने का आदेश दिया था। साथ ही पुलिस को सिनेमा घर में सुरक्षा मुहैया कराने का निर्देश दिया था। सुरक्षा का खर्च सिनेमाघर संचालकों से वसूला जाना था।
पीके पर फैसले को कमेटी का किया था गठन
इस मामले में बृहस्पतिवार को सामाजिक, धार्मिक संगठनों की बैठक हुई थी, जिसमें 13 सदस्यीय समिति का गठन किया गया था। समिति की शुक्रवार शाम को बजरंग दास गर्ग की अध्यक्षता में बैठक हुई, जिसमें सनसिटी और एमजी क्लब सिनेप्लेक्स के संचालकों ने हिस्सा लिया। समिति ने विवादित सीन को हटाने की मांग रखी। फिल्म के भगवान शिव पर दूध चढ़ाने वाले सीन को लेकर सबसे ज्यादा धार्मिक संगठनों ने विरोध जताया था।
यह लिया निर्णय
सनसिटी के डायरेक्टर रमेश गोयल ने बताया कि धार्मिक संगठनों के साथ बैठक हुई है, जिसके बाद सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया है कि विवादित सीन को हटा दिया जाएगा। शनिवार को एडिट की हुई फिल्म ही दर्शकों को दिखाई जाएगी। लोगों की आस्था को ठेस नहीं पहुंचे, इसी मकसद से यह किया गया है।
पीके फिल्म में जो विवादित सीन होंगे, उन्हें एडिट कर दिया जाएगा। जो विवादित सीन होंगे, उसे नहीं दिखाने का फैसला लिया गया है।
-बजरंग दास गर्ग, प्रांतीय अध्यक्ष प्रदेश व्यापार मंडल हरियाणा