ई-रिक्शा चालकों को लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस के लिए सिर्फ मौखिक परीक्षा देनी होगी। उनका कंप्यूटर पर टेस्ट नहीं लिया जाएगा। ई रिक्शा चालकों को तकनीकी अभाव के चलते कंप्यूटर टेस्ट में दिक्कतें आ रही थीं। चुनिंदा ई रिक्शा चालक ही कंप्यूटर टेस्ट पास कर पा रहे थे।
इसे देखते हुए स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (एसटीए) ने ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट को मौखिक परीक्षा लिए जाने का प्रस्ताव भेजा था। ट्रांसपोर्ट सेक्रेटरी केके जिंदल ने सेंट्रल मोटर व्हीकल रुल्स 1989 के रुल (11) के तहत इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। शुक्रवार को ट्रांसपोर्ट सेक्रेटरी ने आरएलए को मौखिक परीक्षा शुरू किए जाने को लेकर निर्देश जारी किए हैं।
आब्जेक्टिव टाइप प्रश्न पूछे जाएंगे
ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट ने जो आर्डर जारी किए हैं, उसके मुताबिक ई-रिक्शा चालकों से आब्जेक्टिव टाइप प्रश्न पूछे जाएंगे। टेस्ट में 60 प्रतिशत अंक हासिल करने वाले को पास कर लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस बनाया जाएगा। 60 प्रतिशत से कम अंक वाले का लाइसेंस नहीं बनाया जाएगा।
इस ऑब्जेक्टिव टाइप मौखिक परीक्षा को कंप्यूटर में सेव कर दिया जाएगा ताकि भविष्य में दोबारा से लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन करने पर पहली बार टेस्ट में फेल हो चुके आवेदक का रिकॉर्ड देखा जा सके। इसके साथ 60 प्रतिशत अंक लेकर जो टेस्ट पास कर लेगा ,उस एप्लीकेंट का भी रिकॉर्ड कंप्यूटर पर रखा जाएगा ताकि लाइसेंस रिन्यू करने में कोई परेशानी न हो।
वी-1, वी-2 और वी-7 सड़कों पर नहीं चलेगा ई-रिक्शा
पॉलिसी के मुताबिक ई-रिक्शा मध्य मार्ग और उत्तरी मार्ग की मुख्य सड़कों पर नहीं चलेगा। मध्य मार्ग और उत्तरी मार्ग से जुड़ी अंदरूनी सड़कों पर ई-रिक्शा चल सकेंगे। वी-1 सड़कें यानी शहर के नेशनल हाईवे पर, वी-2 यानी मध्य व उत्तरी मार्ग और वी-7 यानी शहर के फुटपाथ व साइकिल ट्रैक पर ई-रिक्शा चलाने पर रोेक लगाई गई है। वी-1 सड़कों में चंडीगढ़ के एट्रेंस से ट्रिब्यून चौक की सड़क शामिल हैं।
वी-2 में सेक्टर-12,14,11,15,10,16,9,17,8,18,7,19,26,27 और 28 की मुख्य सड़क शामिल हैं। वहीं, वी-7 सड़कों में शहर के फुटपाथ और साइकिल ट्रैक शामिल हैं। पॉलिसी के मुताबिक ई-रिक्शा चालक को ट्रांसपोर्ट विभाग के अंतर्गत न केवल रिक्शा का पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा, बल्कि ई रिक्शा चलाने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस लेना भी आवश्यक होगा। इसके साथ ही ड्राइवरों को ई-रिक्शा चलाते समय वर्दी पहनना भी जरूरी होगा।
ई-रिक्शा में ओवरलोडिंग पर पूरी तरह रोक
नोटिफिकेशन के मुताबिक ई-रिक्शा में चालक के अलावा केवल 4 यात्रियों को बैठाने की मंजूरी है। इसके अलावा रिक्शा में केवल 40 किलो तक का ही सामान रखा जा सकता है। ई-रिक्शा को ट्रांसपोर्ट व्हीकल के अंतर्गत पंजीकरण करवाना अनिवार्य है। पॉलिसी के मुताबिक ई रिक्शा में प्राथमिक चिकित्सा पेटी और अग्निशामक जरूरी है। ई-रिक्शा चालक का नाम, पता, संपर्क नंबर आदि जानकारी रिक्शा के बाईं ओर लिखा होना अनिवार्य है।
इसके साथ ही, ई रिक्शा पर चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस नंबर 1073 होना अनिवार्य है। नियम के अनुसार ई रिक्शा की लंबाई 2.8 मीटर, ऊंचाई 1.8 मीटर और चौड़ाई 1 मीटर से अधिक नहीं होनी चाहिए। ई-रिक्शा चालक के पास फिटनेस प्रमाणपत्र होना आवश्यक है।