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Punjab: घर से दो बैग लेकर निकला था नशा तस्करी में बर्खास्त AIG राजजीत, अब विजिलेंस करेगी प्रॉपर्टी की पैमाइश

Sun, 23 Apr 2023 07:01 AM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

एसटीएफ की टीमें अमृतसर, होशियापुर, कपूरथला और जालंधर में डेरा डाले हैं, क्योंकि इन तीनों जिलों में राजजीत सिंह के सबसे ज्यादा मददगार हैं। अधिकतर समय इन्हीं जिलों में अपनी सेवाएं दी हैं। इसके अलावा उसके रिश्तेदारी व पारिवारिक सदस्य भी यहीं रहते हैं।
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राजजीत सिंह - फोटो : फाइल
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विस्तार
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नशा तस्करी से जुड़े केस में बर्खास्त पंजाब के एआईजी राजजीत सिंह का अब तक सुराग नहीं लग पाया है। अब जांच में सामने आया है कि बर्खास्तगी के ऑर्डर आते ही राजजीत 16 अप्रैल को अपने घर से दो बैग उठाकर अकेले ही निकल गया था। एजेंसियों के हाथ एक वीडियो फुटेज भी लगा है।

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वहीं विजिलेंस अब उसकी प्रॉपर्टी की पैमाइश कर सही कीमत आंकने में जुट गई है, क्योंकि उसने जो संपत्ति एसटीएफ को सौंपी थी, उसका रेट काफी कम दिखाया है। इससे राजस्व विभाग को भी लाखों रुपये की चपत लगी है। वहीं अब विजिलेंस यह भी पता लगा रही है कि इस काम में रेवेन्यू विभाग के कौन से अधिकारियों ने उसकी मदद की।

एसटीएफ की टीमें अमृतसर, होशियापुर, कपूरथला और जालंधर में डेरा डाले हैं, क्योंकि इन तीनों जिलों में उसके सबसे ज्यादा मददगार हैं। अधिकतर समय इन्हीं जिलों में अपनी सेवाएं दी हैं। इसके अलावा उसके रिश्तेदारी व पारिवारिक सदस्य भी यहीं रहते हैं। ऐसे में वह ही उसके मददगार बन सकते हैं। अभी तक उसकी तरफ से अग्रिम जमानत याचिका दायर नहीं की गई है। यह बात भी अधिकारियों को हैरान कर रही है।
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कई अधिकारियों का चहेता था इंद्रप्रीत सिंह
नशा तस्करी से जुड़े मामले में एआईजी राज जीत सिंह के करीबी रहे इंस्पेक्टर इंद्रप्रीत सिंह की मदद कई अधिकारियों ने की है, क्योंकि वह कई जिलों में रहा है। उसे प्रमोशन राज जीत सिंह की सिफारिश पर मिली थी। उसने राज जीत सिंह के साथ करीब 13 माह काम किया है। हालांकि इस समय में उसने कई ऐसे तस्कर पकड़े थे।

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