सुखना लेक के पानी से लिए गए सैंपल की रिपोर्ट निगेटिव आई है। भोपाल लैब के अधिकारियों ने दावा किया कि पानी का पीएच वैल्यू अधिक होने के कारण बर्ड फ्लू का वायरस पनप नहीं पाया।
उन्होंने बताया कि पानी, पोल्ट्री फार्म और माइग्रेटरी बर्ड्स के कुल 28 सैंपल लिए गए थे। इनमें से अधिकतर सैंपल की रिपोर्ट निगेटिव आई हैं। तीन से चार सैंपल की रिपोर्ट एक-दो दिनों मेंआने की संभावना है। उसके बाद सभी सैंपलों की डिटेल रिपोर्ट चंडीगढ़ प्रशासन को भेजी जाएगी।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की कई रिपोर्ट भी बताती है कि यदि पानी का पीएच वैल्यू 7.4 से 7.8 हो तो इनफ्लुएंजा वायरस (एच-5एन-1) काफी दिनों तक जीवित रह सकता है। बताया जा रहा है कि सुखना के पानी का पीएच वैल्यू 8.0 से ऊपर है। इसलिए वायरस पनप नहीं पाया।
आफिशियल रिपोर्ट मिलने पर ही लेंगे कोई फैसला :
चंडीगढ़ प्रशासन के अधिकारियों ने बताया कि अब तक उन्हें भोपाल लैब की रिपोर्ट नहीं मिली है। भोपाल लैब के अधिकारियों ने कहा है कि एक-दो दिनों में चंडीगढ़ प्रशासन को रिपोर्ट भेज दी जाएगी।
अब भी कुछ सैंपलों की रिपोर्ट बाकी है। चंडीगढ़ प्रशासन का कहना है कि जब तक उनके पास आफिशियली रिपोर्ट नहीं आती है, तब तक वे कोई भी फैसला नहीं ले सकते।
17 दिसंबर को बर्ड फ्लू हुआ था कंफर्म
सुखना लेक पर दिसंबर की शुरुआत में 25 बतखें मरी मिली थी। इसके बाद एक बतख के सैंपल रिपोर्ट से 17 दिसंबर को बर्ड फ्लू कन्फर्म हुआ। सुरक्षा के लिहाज से सुखना की 90 से ज्यादा बतखों को मार दिया गया था। एहतियात के तौर पर प्रशासन ने सुखना लेक पर पर्यटकों की एंट्री भी बंद कर दी थी।
साथ ही तीन किलोमीटर एरिया को बर्ड फ्लू प्रभावित घोषित किया गया था। इस इलाके में आने वाले स्कूलों को अगले आदेश तक बंद कर दिया गया था और प्रभावित इलाके में आने वाले सभी घरों में जांच कराई गई थी। हालांकि, कोई मरीज नहीं मिला।