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राखी गढ़ी में दबी हड़प्पा सभ्यता के राज जानना चाहती है दुनिया, सच सामने लाने में आई अड़चन

Sun, 03 Feb 2019 03:33 PM IST
खुशबू गोयल राजेश शांडिल्य, अमर उजाला, कुरुक्षेत्र(हरियाणा)
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राखी गढ़ी की खुदाई - फोटो : फाइल फोटो
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राखीगढ़ी में हजारों साल पुरानी हड़प्पा सभ्यता का अनमोल खजाना दबा है। पूरी दुनिया इसका रहस्य जानना चाहती है, लेकिन इस काम में एक अड़चन आ गई है। पुणे के डेक्कन कॉलेज ऑफ आर्कियोलॉजी और कोरिया के सहयोग से यहां विगत चार वर्षों से खोदाई की जा रही है जिससे कुछ चौंकाने वाले तथ्य भी सामने आ चुके हैं। इसके बावजूद हरियाणा का आर्कियोलॉजी विभाग और विश्वविद्यालयों द्वारा ध्यान न दिए जाने से हजारों साल पुरानी संस्कृति के बारे में जानकारी हासिल करने में देरी लग रही है।
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ये जानकारी भारतीय इतिहास अनुसंधान परिषद के अध्यक्ष प्रो. अरविंद जामखेड़कर ने शनिवार को अमर उजाला से बातचीत में दी। उन्होंने कहा कि राखीगढ़ी के रहस्यों को उजागर करने में हरियाणा के विश्वविद्यालय और पुरातत्व विभाग को भी अपनी भूमिका निभानी चाहिये। उन्होंने कहा कि राखीगढ़ी इतिहास के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण स्थल है और पूरी दुनिया की इस पर नजर है। उन्होंने बताया गया है कि डेक्कन कॉलेज ऑफ आर्कियोलॉजी के प्रो. वसंत शिंदे के नेतृत्व में एक दल वर्ष 2015 में यहां मिट्टी के टीलों की खोदाई कर रहा था।

इस दौरान आसपास के 900 एकड़ क्षेत्र में सात टीले चिह्नित किये गये हैं। यहां से खोदाई में 5000 साल से भी प्रचान नर कंकाल मिल चुके हैं। ये नर कंकाल आज के मानव शरीर के मुकाबले काफी बड़े और भिन्न हैं। ऐसे रहस्यों को उजागर करने में हरियाणा आर्कियोलॉजी डिपार्टमेंट और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की भूमिका गौण दिख रही है। इस संदर्भ में डॉ.जामखेड़कर ने हरियाणा के उक्त विभाग और विश्वविद्यालय से उम्मीद रखी है।
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खुदाई के लिये नहीं मिलता अनुदान, इसलिये नहीं लगते कैंप

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के डिपार्टमेंट आफ एंशियंट इंडियन हिस्ट्री कल्चर एंड ऑर्कियोलॉजी के चेयरमैन डॉ.सुखदेव सैनी का कहना है कि ऐसे कार्यों से पहले सबसे बड़ी चुनौती बजट की होती है। अन्वेषण कार्य में के लिए विगत 15 वर्षों से धन मुहैया नहीं कराया गया। उन्होंने बताया कि बताया कि यदि विश्वविद्यालय 20 दिन इस साइट पर खोदाई कराएगा तो करीब पांच से छह लाख रुपये खर्च होता है।    
   
राखीगढ़ी की खोदाई में मिल चुकी है यह सामग्री 
     
- राखीगढ़ी में प्राचीन सभ्यता के शहर की छाप पूरे गांव में दिखती है।    
- खुदाई में यहां से कई कंकाल मिल चुके हैं,जोकि सामान्य से काफी बड़े हैं।    
- खुदाई में यहां से मनकों के अलावा भट्टियों के अवशेष, ईंटों से बनी चार दीवारी।      
- पानी की निकासी के सिस्टम और सुनियोजित मार्ग,कच्ची औ्र पक्की ईंटें।       
- सुनियोजित मार्ग, पानी की निकासी का सिस्टम, सार्वजनिक स्नानगृह।
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