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पदक विजेता दृष्टिहीन पैरा-ओलंपियन की दर्दभरी कहानी

Fri, 14 Nov 2014 04:42 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लुधियाना
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पदक विजेता दृष्टिहीन पैरा-ओलंपियन की दर्दभरी कहानी सुनकर आपकी आंखें भी भर आएंगी। पंजाब के लुधियाना में खन्ना निवासी बलविंदर कौर नूरी गरीब परिवार से हैं। कुछ साल पहले सीढ़ियों से गिरने के कारण उनकी आंखों की रोशनी चली गई थी लेकिन उन्होंने खेलों के प्रति लगन को कम नहीं होने दिया और पैराओलंपिक गेम्स में शॉट पुट में कांस्य पदक जीता लेकिन सरकार की ओर से उन्हें किसी तरह का प्रोत्साहन नहीं दिया गया।
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उन्हें राज्य सरकार की तरफ से कोई नकद राशि या अवार्ड नहीं दिया। अब इस पैरा-ओलंपियन ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर कर पंजाब सरकार से नकद पुरस्कार की मांग की है। हाईकोर्ट ने याचिका के आधार पर पंजाब सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

बलविंदर कौर डीएवी कॉलेज सेक्टर-10 चंडीगढ़ में एमए सामाजिक शास्त्र की छात्रा हैं। एडवोकेट एचसी अरोड़ा के माध्यम से दायर याचिका में बलविंदर कौर ने कहा है कि पैरा ओलंपिक पदक विजेताओं को ओलंपिक खेलों के पदक विजेताओं के समान नकद पुरस्कार मिलना चाहिए।
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उन्होंने अंतरराज्यीय प्रतिस्पर्धाओं में कई स्वर्ण पदक जीते हैं। याचिका में आरोप लगाया गया है कि पंजाब सरकार ने खेल नीति में पैरा ओलंपिक पदक विजेताओं से भेदभाव किया है। ओलंपिक में निशक्त पदक विजेताओं को भी अवॉर्ड का प्रावधान है।

बलविंदर कौर ने कहा है कि पैरा ओलंपिक और ओलंपिक दोनों ओलंपिक वर्ग की गेम्स हैं। मंगलवार को पंजाब सरकार ने टैगोर थिएटर चंडीगढ़ में एशियन गेम्स और कॉमन वेल्थ गेम्स के पदक विजेताओं को सम्मानित किया जबकि उन्हें इससे वंचित रखा गया।
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