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'सरदार पटेल को न रोकते नेहरू तो आज कश्मीर समस्या नहीं होती'

Wed, 18 Oct 2017 09:12 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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पंजाब यूनिवर्सिटी में हरियाणा के राज्यपाल ने रखे अपने विचार
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हरियाणा के राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी ने मंगलवार को पंजाब यूनिवर्सिटी में कश्मीर समस्या के लिए नेहरू को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि यदि पंडित जवाहर लाल नेहरू सरदार वल्लभ भाई पटेल को नहीं रोकते तो जम्मू-कश्मीर की समस्या पैदा ही नहीं होती। सोलंकी लेखक नितिन गोखले द्वारा सर्जिकल स्ट्राइक पर लिखी किताब का विमोचन करने पहुंचे थे। 
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सोलंकी ने कहा कि अंग्रेजों ने जब भारत को आजाद किया था, तब रियासतों का बोलबाला था। आजाद भारत को रियासत के राजाओं के हवाले किया गया था। वह सरदार पटेल ही थे जिन्होंने तमाम रियासतों को एक कर नया भारत बनाया। लेकिन पंडित नेहरू ने उन्हें जब ऐसा करने से रोका, तब कश्मीर रियासत को मर्ज करने की तैयारी हो रही थी। इसीलिए आज जम्मू-कश्मीर भारत के लिए एक समस्या बना हुआ है। 

इससे पहले राज्यपाल ने सुरक्षा मामलों के विशेषज्ञ लेखक नितिन गोखले की नई किताब ‘सिक्योरिंग इंडिया द मोदी वे’ का पीयू में विमोचन किया।
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हिंदी में शहीद, लेकिन अंग्रेजी में किल्ड क्यों?

कप्तान सिंह सोलंकी - फोटो : File Photo
डिफेंस एंड नेशनल सिक्योरिटी स्टडी विभाग और ज्ञान सेतु की तरफ से आयोजित इस कार्यक्रम में हरियाणा के राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी के अलावा सेना के रिटायर्ड अफसर भी पहुंचे थे। किताब में मुख्य तौर पर सर्जिकल स्ट्राइक और पठानकोट हमले का विश्लेषण किया गया है। डीयूआई प्रो. मीनाक्षी मल्होत्रा, डिफेंस एंड नेशनल सिक्योरिटी स्टडी विभाग के चेयरमैन डॉ. जसकरन सिंह वडैच और ले. जनरल केजे सिंह सहित कई विशेषज्ञ मौजूद रहे।

सर्जिकल स्ट्राइक पहले भी हुई, लेकिन इस स्तर की नहीं
नितिन गोखले ने बताया कि भारतीय फौज की तरफ से पहले भी सर्जिकल स्ट्राइक हुई हैं, लेकिन उनका स्तर इतना बड़ा नहीं था, जैसा इस बार हुआ था। वैसे भी आर्मी की डिक्शनरी में सर्जिकल स्ट्राइक नया है, क्योंकि इस तरह के हमले पहले एयर फोर्स करती रही है। इतने बड़े स्तर पर और इतनी अंदर तक घुसकर युद्ध करना पहली बार देखा गया।

हिंदी में शहीद, लेकिन अंग्रेजी में किल्ड क्यों?
कार्यक्रम केदौरान नितिन गोखले से एक एनजीओ संचालक ने पूछा कि किसी जंग के बाद हिंदी मीडिया में तो फौजी को शहीद लिखा जाता है, लेकिन अंग्रेजी मीडिया में आर्मी मैन किल्ड क्यों लिखा जाता है? फौजी कभी मरता नहीं, शहीद होता है। गोखले ने कहा कि  यह गहरा मुद्दा है, इस पर गहनता से विचार करने की जरूरत है। 
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