अमृतसर के अदलीवाल के निरंकारी भवन पर 18 नवंबर को हुए ग्रेनेड हमले के दूसरे आरोपी को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। यह खुलासा शनिवार को पंजाब के डीजीपी सुरेश अरोड़ा ने चंडीगढ़ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में किया। उन्होंने बताया कि आरंभिक जांच में साफ हो गया है कि विदेश में बैठे अपराधी पंजाब में युवाओं को अपराध के लिए शह दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि निरंकारी भवन पर हमले के तार भी दुबई और इटली में बैठे अपराधियों से जुड़े हैं।
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डीजीपी ने बताया कि राज्य पुलिस ने एक हफ्ते से भी कम समय में निरंकारी भवन पर हमले की वारदात को सुलझाते हुए दूसरे आरोपी अवतार सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। अवतार सिंह को उसके गांव से पकड़ा गया है। पकड़े गए दोनों आरोपियों के खिलाफ पुलिस के हाथ पर्याप्त सबूत लगे हैं। डीजीपी ने बताया कि निरंकारी भवन पर हमले के दिन दोनों आरोपियों द्वारा इस्तेमाल दो पिस्तौल (एक .32 बोर और दूसरा यूएस निर्मित पिस्तौल) अवतार से पूछताछ के बाद बरामद कर लिए गए हैं। इसके अलावा चार मैगजीन और 25 जिंदा कारतूस भी बरामद किए हैं। इस बरामदगी के मामले में पटियाला से एक अन्य युवक शबनम दीप को भी गिरफ्तार किया गया है।
उन्होंने बताया कि अवतार का संबंध केएलएफ के स्वंयभू चीफ हरमीत सिंह हैप्पी उर्फ पीएचडी के साथ भी पाया गया है। हैप्पी पंजाब के सीमावर्ती जिलों में गरीब और अपराधी प्रवृत्ति के युवाओं को आतंकी गतिविधियों में शामिल होने के लिए उकसाता है। डीजीपी ने प्रदेश के युवाओं से अपील की कि वे पाकिस्तान में छिपे आतंकी संगठनों के बहकावे में आकर अपना जीवन और भविष्य बर्बाद न करें।
डीजीपी ने बताया कि बिक्रमजीत सिंह उर्फ बिक्रम से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने थाना लोपोके के गांव ख्याला से 32 वर्षीय अवतार सिंह को गिरफ्तार किया। अवतार सिंह गांव ख्याला में अपने अंकल त्रिलोक सिंह के ट्यूबवेल के कमरे में छिपा हुआ था। अवतार पुत्र गुरदयाल सिंह निवासी चक मिश्री खान ग्रेजुएट है और 2012 से निहंग का चोला धारण कर चुका है। वह अपने गांव में लोगों का इलाज करने का काम करता रहा है और उसका कोई आपराधिक रिकॉर्ड भी नहीं है।
ऐसे रची गई निरंकारी भवन पर हमले की साजिश
डीजीपी सुरेश अरोड़ा ने बताया कि आरंभिक पूछताछ में यह खुलासा हुआ है कि अवतार बीते कुछ महीने से व्हाट्सअप के जरिए दुबई में बसे पाकिस्तानी नागरिक जावेद के साथ संपर्क में था। यह तथाकथित पाकिस्तानी नागरिक जोकि पंजाबी बोलता है, ने पीठ में दर्द को लेकर अवतार से दवाई लेने की आड़ में खुद संपर्क साधा। इसके बाद जावेद ने अवतार के साथ सिखों के मुद्दों पर बातचीत शुरु कर दी और धीरे-धीरे वह अवतार को 'सिख कौम' के दुश्मनों को निशाना बनाने के लिए उकसाने लगा। कुछ महीने पहले जावेद ने अवतार का संपर्क पाकिस्तान में बैठे हैप्पी से कराया।
अवतार द्वारा पुलिस को दी जानकारी के अनुसार, हैप्पी उसे 2016-17 के दौरान आरएसएस और डेरा सच्चा सौदा अनुयायियों की हत्याओं की तर्ज पर पंजाब में आतंकी गतिविधियां चलाने के लिए उकसाने लगा। आरंभिक पूछताछ में अवतार ने यह भी खुलासा किया कि उसका चचेरा भाई परमजीत सिंह थाना ब्यास के वडाला का रहने वाला है और इस समय इटली में रह रहा है।
अवतार ने बताया कि परमजीत का बड़ा भाई सरबजीत सिंह जोकि पंजाब पुलिस में कांस्टेबल है, आतंकी संगठन केएलएफ (बुधसिंहवाला) में शामिल हो गए थे। सरबजीत 1992 में राया (ब्यास) के निकट पुलिस एनकाउंटर में मारा गया। अवतार सिंह ने बताया कि करीब दो महीने पहले, अवतार ने परमजीत से संपर्क कर हथियारों का प्रबंध करने को कहा ताकि वे अपने गांव में कुछ दुश्मनों का निपटारा कर सके। इसके लिए परमजीत ने उसे आश्वासन भी दिया। तब, परमजीत बाबा ने अवतार का पाकिस्तान में बैठे हैप्पी से संपर्क कराया, जिसे हैप्पी भी पहले से दुबई में बैठे जावेद के जरिए जानता ही था। हैप्पी ने अवतार को हथियार मुहैया कराने का भरोसा दिलाया। अक्तूबर माह के अंत और नवंबर के आरंभ में अवतार को व्हाट्सअप पर एक विदेशी नंबर से मैसेज मिला जिसमें उस स्थान का उल्लेख किया गया था, जहां हथियार छुपाकर रखे गए थे। 3 नवंबर, 2018 को रात करीब 11 बजे अवतार ने अपने करीबी मित्र बिक्रमजीत सिंह निवासी धारीवाल से संपर्क किया और अगली सुबह तैयार रहने को कहा।
अवतार सिंह के अनुसार, वह और बिक्रमजीत 4 नवंबर, 2018 को मजीठा के निकट बताए गए स्थान पर पहुंचे और जहां उन्हें एक पालिथीन बैग मिला जिसमें दो .32 बोर के पिस्तौल, चार मैगजीन और 25 कारतूस और एक हैंड ग्रेनेड था। अवतार ने यह पालीथीन बैग अपनी दवा की दुकान में छिपा दिया। 13 नवंबर को अवतार और बिक्रम ने राजासांसी में निरंकारी सत्संग भवन की रेकी की और दोनों ने किसी खास मौके पर इस भवन को निशाना बनाने का फैसला किया। 16 नवंबर, 2018 को अवतार और बिक्रम गांव धारीवाल में मिले और हमले की विस्तार से योजना बनाई और हमला 18 नवंबर को करने का फैसला भी किया। पूछताछ में बिक्रमजीत ने जैसा खुलासा किया है, वैसा ही अवतार ने 18 नवंबर को किए हमले के घटनाक्रम की जानकारी पुलिस को दी है। ग्रेनेड फेंकने के बाद, अवतार को एक पाकिस्तानी नंबर से मैसेज मिला, जिसमें उनका हाल-चाल जानने के साथ ही उन्हें तुरंत कॉलबैक करने को कहा गया था। अवतार ने दावा किया कि उसने हमले के बाद उस मैसेज और नंबर को डिलिट कर दिया था।
पंजाब में इस साल दो आतंकी हमले हुए
पत्रकारों से प्रश्नों के जवाब में डीजीपी ने बताया कि इस साल पंजाब में आतंकी हमले के केवल दो मामले हुए हैं। एक- मकसूदां पुलिस थाने पर हमला और दूसरा- निरंकारी भवन में ग्रेनेड हमला। उन्होंने कहा कि दोनों ही संवेदनशील मामले हैं। उन्होंने प्रदेश के लोगों को भरोसा दिलाया कि उन्हें नुकसान पहुंचाने की किसी को अनुमति नहीं दी जाएगी। जम्मू-कश्मीर से पंजाब की तरफ आतंकी मूवमेंट को लेकर पूछे गए सवाल पर डीजीपी ने कहा कि पुलिस ऐसी गतिविधियों पर करीबी से नजर रख रही है। उन्होंने दोहराया कि पंजाब में पढ़ रहे कश्मीर के सभी छात्रों को शक की नजर से देखना गलत है।
ऐसे मजबूत हुई कट्टरपंथी सोच
आरंभिक जांच में, आरोपियों ने यह भी खुलासा किया कि उनमें कट्टरपंथी विचारधारा 2007 की उस घटना से जागी, जब डेरा सच्चा सौदा प्रमुख श्री गुरु गोबिंद सिंह जी की वेशभूषा में सार्वजनिक तौर पर दिखाई दिए। उसके बाद, वे नियमित तौर पर अपने इलाकों में डेरा सच्चा सौदा के खिलाफ प्रदर्शनों में हिस्सा लेने लगे। वह श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार कमेटी के नियमित सदस्य बन गए और सत्कार कमेटी द्वारा आयोजित किए जाने वाले विरोध प्रदर्शनों में नियमित तौर पर हिस्सा लेने लगे। अवतार सिंह ने आगे बताया कि वह डेरावाद और सभी स्वंयभू गुरुओं जैसे डीएसएस, डीजेजेएस, प्यारा सिंह भनियारेवाला और विवादित सिख प्रचारक जिनमें सरबजीत सिंह धुंडा, इंद्रजीत सिंह घाग्गा आदि शामिल हैं, के पूरी तरह खिलाफ है। इसके साथ ही वह हिंदू राइट विंग और उनके नेताओं/वर्करों के भी खिलाफ है।