गांव में सड़क नहीं होने के चलते मोरनी ब्लॉक के गांव के लोगों ने चुनाव का बहिष्कार कर दिया।
टिक्कर गांव के इस बूथ पर करीब नौ गांवों के 773 वोट थे, लेकिन एक भी वोट नहीं पड़ा। लोग इस बात से खफा थे कि टिक्कर से मीरपुर तक उन्हें आज तक सड़क सुविधा नहीं मिली है।
जिला प्रशासन के आला अधिकारियों को जैसे ही चुनाव बहिष्कार की जानकारी मिली, डीसी डॉ. एसएस फुलिया व नायब तहसीलदार दर्पण कंबोज मौके पर पहुंचे।
उन्होंने लोगों को समझाया, लेकिन ग्रामीण नहीं माने। नोटा विकल्प के बारे में भी बताया गया, लेकिन किसी ने नोटा का भी बटन नहीं दबाया।
मोरनी खंड की पौटा पंचायत, वकुदाना पंचायत के करीब नौ गांवों ने चुनाव का बहिष्कार किया। इन गांवों का पोलिंग बूथ टिक्कर में था, लेकिन कोई वोट डालने नहीं पहुंचा।
वोटरों ने कहा कि अगर विधानसभा चुनाव से पहले सड़क नहीं बनी तो फिर चुनाव का बहिष्कार किया जाएगा। पूर्व सरपंच राममूर्ति, भगत राम, किशोरी लाल ने बताया कि टिक्कर से मीरपुर वाया भोगपुर तक पक्की सड़क नहीं है।
पिछले चुनावों में भी राजनैतिक पार्टियों ने सड़क बनवाने का भरोसा दिलाया था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।