फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Haryana: धान खरीद घोटाले में सरकार की बड़ी कार्रवाई, नौ अधिकारी निलंबित और दो कर्मचारी बर्खास्त

Thu, 17 Nov 2022 10:44 PM IST
भूपेंद्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़

सार

जांच रिपोर्ट पर राज्य कृषि विपणन बोर्ड के मुख्य प्रशासक ने कार्रवाई की है। कृषि मंत्री ने करनाल व अंबाला में धान खरीद घोटाले की जांच के आदेश दिए थे। 
विज्ञापन
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री जेपी दलाल। - फोटो : फाइल फोटो
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हरियाणा सरकार ने धान खरीद घोटाले में बड़ी कार्रवाई की है। करनाल की नई अनाज मंडी के दो कर्मचारी बर्खास्त किए हैं और नौ अधिकारियों को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया है। हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड के मुख्य प्रशासक ने जांच रिपोर्ट के आधार पर निलंबन और बर्खास्तगी आदेश जारी किए हैं।

विज्ञापन


कृषि मंत्री जेपी दलाल ने करनाल, अंबाला अनाज मंडी में धान खरीद में हुई गड़बड़ी की जांच के आदेश दिए थे। राज्य कृषि विपणन बोर्ड की जांच समिति ने 17 नवंबर को ही अपनी रिपोर्ट सौंपी, जिसके आधार पर तुरंत कार्रवाई अमल में लाई गई। दलाल ने असंध और होडल मंडी में हुई फसल खरीद के मामले में भी जल्द बड़ी कार्रवाई के संकेत दिए हैं।

जांच रिपोर्ट में पाया गया है कि नई अनाज मंडी करनाल में मंडी एनालिस्ट के पद पर तैनात दिलावर सिंह और लैब एग्जीक्यूटिव अमित कुमार ने जानबूझकर लापरवाही बरती। उन्होंने धान खरीद का रिकॉर्ड ई-खरीद और ई-नेम पोर्टल पर दर्ज ही नहीं किया। इससे विपणन बोर्ड को मार्केट फीस और हरियाणा ग्रामीण विकास फंड का वित्तीय नुकसान हुआ।
विज्ञापन


बोर्ड के मुख्य प्रशासक के आदेश पर दिलावर व अमित को लापरवाही बरतने के मद्देनजर तुरंत प्रभाव से बर्खास्त करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। करनाल के तीन मंडी सुपरवाइजर अश्वनी मेहरा, दीपक त्यागी, जयप्रकाश को भी निलंबित किया गया है। करनाल के ही चार नीलामी रिकॉर्डर सुरेश, प्रदीप श्योराण, प्रदीप मलिक, सोमबीर भी निलंबित कर दिए गए हैं।

मार्केट कमेटी करनाल के कार्यकारी अधिकारी सुंदर सिंह को भी निलंबित किया है। इन सबका मुख्यालय राज्य कृषि विपण बोर्ड कार्यालय पंचकूला में निर्धारित किया गया है। कृषि विपणन बोर्ड अंबाला के जेडएमईओ (जोनल प्रबंधक) हवा सिंह निलंबित कर दिए गए हैं।

उन पर ड्यूटी में कोताही बरतने का आरोप है। उनका मुख्यालय जोनल प्रशासक कार्यालय हिसार में तय किया गया है। वह उच्च अधिकारियों की अनुमति के बिना मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे। निलंबित किए गए सभी अधिकारियों, कर्मचारियों को खर्चे के लिए जरूरी भत्ते मिलते रहेंगे।

रडार पर और कई भ्रष्ट अधिकारी-कर्मचारी
अनाज मंडियों में धान खरीद में हुई धांधली को लेकर सरकार के रडार पर और कई भ्रष्ट अधिकारी व कर्मचारी हैं। मुख्यमंत्री उड़नदस्ते के साथ ही खुफिया एजेंसियां और विजिलेंस भ्रष्टाचार में संलिप्त कर्मियों पर पैनी नजर बनाए हुए हैं। धान खरीद में फर्जी जे-फार्म काटकर और खरीद को ई-नेम, ई-खरीद पोर्टल पर न दिखाकर करोड़ों रुपये का घोटाला किया गया है। मुख्यमंत्री उड़नदस्ता इस मामले में अब तक कई जिलों में छापा मारकर कार्रवाई कर चुका है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें