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नौ मनोनीत पार्षद आज लेंगे शपथ, कांग्रेस-आप ने किया समारोह का बहिष्कार

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चंडीगढ़। नगर निगम ने शुक्रवार को सदन की बैठक बुलाई है। इसमें पहली बार चुने गए नौ मनोनीत पार्षद भी शामिल होंगे। बैठक शुरू होने से पहले डीसी विनय प्रताप सिंह सुबह 11 बजे सभी मनोनीत पार्षदों को शपथ दिलाएंगे। इसका विरोध करते हुए आम आदमी पार्टी और कांग्रेस ने शपथ ग्रहण समारोह का बहिष्कार कर किया है।
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आम आदमी पार्टी (चंडीगढ़) के सह प्रभारी प्रदीप छाबड़ा और अध्यक्ष प्रेम गर्ग ने मनोनीत पार्षदों के नामांकन को दुर्भाग्यपूर्ण, अनैतिक, अवैध और लोकतंत्र की हत्या करार दिया है। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने भाजपा कार्यकर्ताओं को ही मनोनीत पार्षद बनाया है। वीरवार को पार्टी ने बैठक कर तय किया कि वह शपथ ग्रहण समारोह का बहिष्कार करेंगे। आप के पदाधिकारियों ने कहा कि मनोनीत पार्षदों का उद्देश्य विभिन्न क्षेत्र जैसे चिकित्सा, इंजीनियरिंग, पर्यावरण आदि में विशेषज्ञता रखने वाले प्रतिष्ठित लोगों का चयन करना है, ताकि वे अपनी विशेषज्ञता सदन में ला सकें लेकिन प्रशासन ने भाजपा के कार्यकर्ताओं को नियुक्त किया है। इस तरह का नामांकन चंडीगढ़ के मतदाताओं के जनादेश के खिलाफ है। कहा कि पहले भाजपा ने छल से अपना मेयर बनाया और अब बिना पात्रता वाले भाजपा कार्यकर्ताओं को मनोनीत पार्षद बना दिया है।
भाजपाइयों को मनोनीत पार्षद बनाना जनता के साथ धोखा : कांग्रेस
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष एचएस लक्की की अध्यक्षता में वीरवार को कांग्रेस पार्षदों की बैठक हुई। कांग्रेस ने फैसला लिया है कि वह शुक्रवार को मनोनीत पार्षदों के शपथ ग्रहण समारोह का पूर्ण बहिष्कार करेंगे। कहा कि प्रशासक बनवारीलाल पुरोहित ने चंडीगढ़ में लागू पंजाब नगर निगम अधिनियम के प्रावधानों की धज्जियां उड़ाते हुए भाजपा के पदाधिकारियों को मनोनीत पार्षद बना दिया है। इसी फैसले के विरोध में शपथ ग्रहण समारोह का बहिष्कार करने का फैसला लिया गया है। प्रशासन का यह फैसला 2021 के नगर निगम चुनाव में दिए गए चंडीगढ़वासियों के जनादेश को हाइजैक करने के समान है। प्रशासन का यह फैसला सिर्फ भाजपा के भ्रष्टाचार को ही बढ़ावा देगा। मनोनीत पार्षदों के चयन में आप व कांग्रेस दोनों पार्टियों की राय को पूरी तरह से नजरअंदाज किया गया है, जो प्रशासन के तानाशाही भरे रवैये की तरफ इशारा करता है।
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